सीजेआई सूर्य कांत करेंगे उद्धाटन, 130 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा आधुनिक अदालत परिसर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। प्रदेश की सबसे बड़ी बार को नौ साल के लंबे इंतजार के बाद नया अदालत परिसर 12 जुलाई को मिल जाएगा। 12 जुलाई को भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शर्मा टावर ऑफ जस्टिस का उद्घाटन करेंगे। इसको लेकर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र सूरा ने पत्र जारी कर दिया है। टावर ऑफ जस्टिस के उद्घाटन के बाद सभी अदालतें एक ही परिसर में आ जाएंगी।
मौजूदा समय में जिला अदालत परिसर के साथ ही लघु सचिवालय और विकास सदन में अदालत संचालित हो रही है। 2017 से टावर ऑफ जस्टिस का निर्माण कार्य चल रहा है। बीच में कुछ समय के लिए इसका कार्य बंद हो गया था। 2020 में बिल्डिंग बनकर तैयार होनी थी। इसी दौरान इसमें में स्वचालित सीढ़ियों के साथ ही मल्टीलेवल पार्किंग का कार्य भी जोड़ दिया गया था। इसके चलते बजट करीब 51 करोड़ रुपये बढ़ गया था। पहले इसका बजट 79 करोड़ रुपये था, बाद में 130 करोड़ रुपये हो गया था। बजट के आवंटन की देरी की वजह से करीब एक साल तक निर्माण कार्य रुका रहा था। अभी जगह का काफी अभाव है। इसके चलते रिकाॅर्ड रखने में भी काफी परेशानी होती है। लघु सचिवालय के बेसमेंट में रिकार्ड रखने का काम किया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने भी जताई थी नाराजगी
टावर ऑफ जस्टिस के निर्माण कार्य में देरी को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने भी नाराजगी जाहिर की थी। हाईकोर्ट ने 19 जून तक कार्य पूरा करने का समय दिया था।
सात एकड़ में तैयार हो रहा
सात एकड़ जमीन पर सात मंजिला टावर ऑफ जस्टिस का निर्माण किया जा रहा है। तीन बेसमेंट के साथ ही सात मंजिला होगा। पहली मंजिल पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत होगी। दूसरी से छठी मंजिल तक 10-10 अदालतें और सातवीं मंजिल पर पांच अदालतें होंगी। छत पर कैंटीन की व्यवस्था भी की जाएगी।