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केबल डालने के नाम पर गोल-माल करने वालो पर कसेगा शिकंजा

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गुरुग्राम। साइबर सिटी में जमीन के भीतर फैल रहे केबल नेटवर्क के नाम पर भ्रष्टाचार करने वालों की अब खैर नहीं है। नगर निगम व जीएमडीए की अनुमति के बिना जमीन खोदकर केबल डालने वाली कंपनियों से मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने कार्रवाई कर दो साल के भीतर 11 करोड़ रुपये का राजस्व शुल्क वसूल किया है। दिनों दिन इन मामलों में अनियमितताएं बढ़ती जा रही हैं। इससे पहले यह शुल्क 50 से 60 लाख रुपया जमा किया जाता था। मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम का मानना है कि भ्रष्टाचार के चलते मिलीभगत करके इस वारदात को अंजाम दिया जा रहा है।
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बिना अनुमति के केबल डालने वाली कंपनी की ओर से अब एनओसी लेकर काम किया जा रहा है। इन पर शिकंजा कसने के लिए मुख्यमंत्री उड़नदस्ता अब यह जानने में जुटा है कि जिन कंपनियों ने दस या 20 साल के लिए केबल डाला था। वह आगे क्या कर रही है। आगे नेटवर्क बढ़ाने के लिए नगर निगम या जीएमडीए में शुल्क जमा करा रही है अथवा नहीं। अगर नहीं जमा करा रही है तो उनके खिलाफ आगे किस एक्ट के तहत कार्रवाई की जानी है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की ओर से अब तक हुई प्रमुख कार्रवाई
: 2020 में सेक्टर 56 में बिना अनुमति के केबल डालने पर केस
: 2020 में सोहना में टाटा कंपनी के खिलाफ बिना अनुमति के केबल डालने पर केस
: 2020 में सदर थाना क्षेत्र में अनियमितता मिलने पर केस
: 2020 में बादशाहपुर क्षेत्र में बिना अनुमति के केबल डालने पर केस
: 2022 में शीतला कालोनी में बिना अनुमति के केबल डालने पर
: 2022 में सुशांतलोक थाना क्षेत्र में मामला दर्ज।
: 2022 में सेक्टर पांच बिना अनुमति के केबल डालने पर मामला दर्ज।
: 2022 में राजेन्द्रापार्क थाना क्षेत्र में अनियमितता मिलने पर केस
(सरकारी प्रॉपर्टी नष्ट करने का मामला दर्ज होता है। पुलिस मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही कंपनी की मशीन जब्त करती है। )
केबल डालने के नाम पर गोलमाल करने वालों पर शिकंजा कसा जा रहा है। जिसका नतीजा है कि दो साल के भीतर 11 करोड़ की राजस्व फीस जमा की गई है। अनियमितता बरतने वालों पर आगे कार्रवाई की जाती रहेगी।
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इन्द्रजीत यादव, डीएसपी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता, गुरुग्राम।
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