गुरुग्राम। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने दावा किया है कि उनकी सरकार ने बिजली व्यवस्था में काफी सुधार किया है। गांवों में 24 घंटे बिजली देने का कार्य किया है, वहीं बिजली आपूर्ति में हो रहे घाटे को भी कम करने में कामयाबी मिली है। आज प्रदेश के 5048 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। हालांकि, पहली सरकारों ने भी गांवों में चौबीस घंटे बिजली देने का वादा किया था, लेकिन उनकी सरकार ने वादा किए बिना यह कर दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को गुरुग्राम में सिविल लाइन्स स्थित स्वतंत्रता सेनानी जिला परिषद् हॉल में जिले की कष्ट निवारण समिति की बैठक में बिजली संबंधी एक शिकायत का निवारण करने के दौरान यह दावा किया। इस मौके पर उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने बिजली के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किया है। वर्ष 2014 में उनकी सरकार बनने के समय लाइन लोस 34 प्रतिशत था जो अब घटकर 17 प्रतिशत रह गया है। पहले सात हजार करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाती थी, लेकिन अब यह घटकर छह हजार करोड़ रुपये रह गई है और इसे और भी कम करने के प्रयास जारी हैं।
बिजली बिलों में गड़बड़ी की अब संभावना कम
उन्होंने बताया कि अब प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे बिजली उपभोक्ता अपने मीटर की रीडिंग जब चाहे देख सकेंगे और बिजली खपत के मामले में पारदर्शिता आएगी। वहीं, स्मार्ट मीटर लगने से बिजली बिलों में गड़बड़ी होने की संभावना बहुत कम रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को अपने बिजली के मीटर के तेज या धीरे चलने के बारे में कोई संशय हो तो उसे लैब में जांच करवाया जा सकता है। इस दौरान उन्होंने बिजली निगमों के अधिकारियों को आदेश दिए कि वे बिजली संबंधी शिकायतों का निवारण करने के लिए हर क्षेत्र में दो माह में घोषणा करके जनता दरबार लगाएं।
मुख्यमंत्री ने बैठक में 14 शिकायतें सुनीं जिनमें से 11 शिकायतों का समाधान किया, जबकि तीन शिकायतों पर अगली बैठक में निर्णय लिया जाएगा। बैठक में पब्लिक सेफ्टी एडवाइजर अनिल राव, विधायक सत्यप्रकाश जरावता, राकेश दौलताबाद, सुधीर सिंगला, मेयर मधु आजाद, भाजपा की जिला अध्यक्ष गार्गी कक्कड़, जेजेपी के जिला अध्यक्ष ऋषि राज राणा, जिला परिषद् के चेयरमैन कल्याण सिंह चौहान, जिला के उपायुक्त यश गर्ग, पुलिस आयुक्त केके राव, नगर निगम के आयुक्त विनय प्रताप सिंह आदि भी उपस्थित थे।