तावडू में अवैध कॉलोनियों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 10 एकड़ में 4 कॉलोनियां ध्वस्त।
संवाद न्यूज एजेंसी
तावड़ू। जिला प्रशासन ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए बुधवार को तावडू तहसील के ग्वारका और तावड़े राजस्व क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ अभियान चलाया। इस अभियान में कुल 10 एकड़ क्षेत्र में फैली 4 अनाधिकृत कॉलोनियों को ध्वस्त किया गया। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) नूंह बिनेश कुमार के नेतृत्व में यह कार्रवाई नियंत्रित क्षेत्र और शहरी क्षेत्र में की गई।
डीटीपी बिनेश कुमार के अनुसार ग्वारका राजस्व क्षेत्र में 3 एकड़ में फैली एक अनधिकृत कॉलोनी को विकसित किया गया था। कार्रवाई में एक निर्माणाधीन संरचना, एक डीपीसी और मिट्टी की सड़कों को पूरी तरह से तोड़ दिया गया। इसके अलावा तावड़ू राजस्व क्षेत्र में 7 एकड़ में फैली तीन अनधिकृत कॉलोनियों पर भी कार्रवाई की गई। इस अभियान में दो निर्माणाधीन संरचनाओं, चार डीपीसी और मिट्टी की सड़क नेटवर्क को ध्वस्त किया गया।
आरोपी, मिलीभगत से हो रहे अवैध निर्माण
स्थानीय लोगों का कहना है कि भू-माफियाओं के हौसले अभी भी बुलंद हैं। तावडू नगर के बाईपास क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग का खेल जोरों पर है। आरोप है कि नगर पालिका से अनधिकृत एनओसी निकालने का काम धड़ल्ले से चल रहा है, और तहसील प्रशासन में भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत की जा रही है। कई मामलों में अनधिकृत एनओसी के आधार पर रजिस्ट्री भी हो रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर निष्पक्षता की कमी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि तोड़फोड़ की कार्रवाई चुनिंदा तरीके से की जाती है और भू-माफियाओं के साथ अधिकारियों की सांठगांठ के चलते अवैध निर्माण फिर से शुरू हो जाते हैं। कुछ लोगों ने बताया कि शुरुआत में तोड़फोड़ की जाती है, लेकिन कुछ समय बाद उसी स्थान पर दोबारा अवैध कॉलोनियां या प्लॉटिंग शुरू हो जाती है।
डीटीपी बिनेश कुमार का कहना है कि अवैध कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनधिकृत कॉलोनियों में प्लॉट खरीदने से बचें और किसी भी निर्माण से पहले वैध एनओसी की जांच करें।