बिल्डर ने जब्त कर लिए थे रिटायर्ड मेजर जनरल के 7.74 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने फैसला सुनाते हुए बिल्डर की मनमानी पर लगाम लगाई है। आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने आदेश दिया है कि यदि कोई खरीदार फ्लैट लेने से पीछे हटता है, तो बिल्डर कुल जमा राशि का केवल 10 प्रतिशत हिस्सा ही काट सकता है। इसके साथ ही बिल्डर को शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न के लिए 1 लाख रुपये का मुआवजा और कानूनी खर्च के रूप में 55 हजार रुपये भी अदा करने होंगे।
सेवानिवृत्त मेजर जनरल सुजान गोपाल चटर्जी ने आयोग में दायर की याचिका में बताया कि उन्होंने सेंट पैट्रिक्स रियल्टी कंपनी के सेंट्रल पार्क फ्लावर वैली प्रोजेक्ट में 7.74 लाख रुपये देकर एक फ्लैट बुक कराया था। शिकायत के अनुसार, बुकिंग के समय बिल्डर ने आश्वासन दिया था कि यदि खरीदार 30 दिन के भीतर अपना इरादा बदलता है तो उसे पूरी राशि वापस कर दी जाएगी। हालांकि, जब मेजर जनरल ने कंपनी की कुछ शर्तों पर असहमति जताते हुए रिफंड मांगा, तो कंपनी ने एक साल तक उनकी राशि वापस नहीं की।
सुनवाई के दौरान आयोग ने सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के पिछले आदेशों का हवाला दिया। आयोग ने स्पष्ट किया कि बिल्डर पूरी जमा राशि को जब्त नहीं कर सकता।