सड़कों पर पानी का छिड़काव न होने से धूल की समस्या और गंभीर हुई
260 तक पहुंच गया गुरुग्राम का एक्यूआई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर में वायु प्रदूषण लगातार गंभीर होता जा रहा है लेकिन प्रशासन के तमाम निर्देशों का कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है। सबसे बड़ी समस्या जर्जर सड़कों और खुले में उड़ती धूल से है जिससे एक्यूआई (एयर क्वाॅलिटी इंडेक्स) रोज बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को शहर का एक्यूआई 260 तक पहुंच गया, जो खराब श्रेणी में आता है। बुधवार को एक्यूआई 251 दर्ज किया गया था, एक दिन में ही नौ अंकों की बढ़ोतरी देखी गई है। यदि प्रशासन की ओर से जमीनी स्तर पर कदम नहीं उठाए गए तो एक्यूआई लाल श्रेणी (300 से ऊपर) में जा सकता है।
वहीं, सड़कों पर पानी का छिड़काव न होने से धूल की समस्या और गंभीर हो गई है। प्रशासन ने निर्माण स्थलों पर पानी छिड़काव और कचरे को ढकने के निर्देश दिए थे, लेकिन इनका पालन होता नहीं दिख रहा है। शहरवासियों ने नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सख्त कार्रवाई की मांग की है। यदि समय रहते हालात नहीं सुधरे तो आने वाले दिनों में स्थिति और खराब हो सकती है।
अस्पताल में बढ़े खराश के मरीज
गुरुग्राम। शहर में बढ़ते प्रदूषण का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर साफ दिखाई दे रहा है। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में खांसी और गले की खराश से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। हाल ही में बुखार से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ी थी, लेकिन अब खांसी और गले में जलन की समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है। प्रदूषित हवा में मौजूद सूक्ष्म कण गले में जलन और सूजन पैदा कर रहे हैं, जिससे खांसी की शिकायतें बढ़ रही हैं। डॉक्टरों ने लोगों को सलाह दी है कि वे बाहर निकलते समय मास्क पहनें और घर में हवा को शुद्ध रखने के उपाय करें। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। साथ ही बाहर निकलते समय मास्क लगाने की सलाह दी जा रही है।
इन दिनों हवा में प्रदूषण बढ़ने से गले में खराश और खांसी के मरीजों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। लोगों को बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें, प्रदूषण के छोटे-छोटे कण गले में और नई बीमारियां भी पैदा कर सकते हैं।
-डाॅ काजल, फिजिशियन, नागरिक अस्पताल