गुरुग्राम। शिक्षक जहां अपने ज्ञान से भविष्य की आधारशिला रखते हैं आज वे ही स्कूलों में साफ-सफाई करने का काम भी कर रहे हैं। मालूम हो कि बुधवार से प्राइमरी स्कूलों में कक्षा तीसरी से पांचवीं तक की कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। कोरोना महामारी के कारण 11 माह के बाद खुलने वाले स्कूलों में सफाई और सैनिटाइजेशन के निर्देश जारी किए गए हैं। जमीनी हकीकत है कि स्कूलों में कोई सफाईकर्मी ही नहीं हैं। बच्चों के स्वास्थ्य के मद्देनजर स्कूलों में गुरुजी खुद ही हाथ में झाडू लेकर सफाई में जुटे हुए हैं।
जिला शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में 363 प्राइमरी स्कूल हैं। 90 फीसदी स्कूलों में सफाईकर्मी की भर्ती नहीं की गई है। 10 फीसदी स्कूलों में पार्टटाइम सफाईकर्मी हैं। बच्चे खुद ही कक्षाओं की सफाई करते आए हैं। अब भी विद्यार्थियों को ही सफाई करनी पड़ेगी।
निदेशालय के आदेशानुसार शिक्षा विभाग ने स्कूलों में साफ-सफाई की जिम्मेदारी स्कूल प्रबंधन की लगाकर अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। वहीं स्कूल प्रबंधन यह कार्य भी शिक्षकों के कंधों पर डालकर निश्चिंत बैठा है। अधिकतर स्कूलों में शिक्षकों द्वारा ही कक्षाएं साफ की गईं, साथ ही कक्षाओं को सैनिटाइज भी किया है। वहीं, बहुत से स्कूलों ने नगर निगम के सफाई कर्मियों की मदद ली है।
दूसरी ओर, बढ़ी संख्या में निजी स्कूल प्राइमरी के बच्चों को नहीं बुला रहे हैं। संचालकों का कहना है कि अभी कोरोना पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सलवान पब्लिक स्कूल की प्राचार्य रश्मी मलिक ने बताया कि परीक्षाएं चल रही हैं। ऐसे में बच्चों को परीक्षाओं के दौरान बुलाना उचित नहीं हैं। उनमें तनाव बढ़ेगा। उन्हें अब अप्रैल में ही बुुलाए जाने की योजना बनाई जा रही है।
प्राइमरी स्कूलों में सबसे ज्यादा सफाई की जरुरत
राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रधान दुष्यंत ठाकरान ने बताया कि प्राइमरी स्कूलों में सबसे ज्यादा सफाई की जरूरत होती है। छोटे बच्चे सबसे ज्यादा गंदगी फैलाते हैं। वहीं, 90 फीसदी स्कूलों में सफाईकर्मी ही नहीं हैं। ऐसे में बच्चों द्वारा ही कक्षाओं को साफ करना पड़ता है। कोरोना के बाद तो विभाग को इस ओर सतर्कता बरतनी चाहिए। इन स्कूलों में सफाईकर्मी और चपरासी की भर्ती जरूरी है।
जगह-जगह रखे गए सैनिटाइजर
सेक्टर-4-7 स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की प्राचार्य सुमन शर्मा ने बताया कि स्कूलों को सैनिटाइज कर दिया गया है। विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई हैं। वहीं, सुशांत लोक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की प्राचार्या आशा मिगलानी ने बताया कि उन्होंने नगरनिगम से सफाईकर्मी बुलाकर प्राइमरी विंग को पूरा साफ व सैनिटाइज करा दिया है। बच्चों के लिए जगह-जगह सैनिटाइजर भी रखे गए हैं। थर्मल स्कैनर की व्यवस्था की गई है। हर दिन तापमान की जांच की जाएगी। जिसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाएगी। कक्षाएं 10 बजे से 1 बजे तक लगेंगी।
प्राइमरी स्कूलों में सफाईकर्मी नहीं हैं। इसकी मांग निदेशालय को भेजी गई है। स्कूल प्रबंधन को ही सफाई की जिम्मेेदारी सौंपी गई है। तीसरी से पांचवीं तक के छात्रों के लिए पूरी व्यवस्थाएं कर ली गई हैं।
- प्रेमलता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।