शहर में स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए पहुंची मंत्रालय की 8 सदस्यीय टीम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भारत सरकार की ओर से किए जाने स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम इन दिनों गुरुग्राम में है। आठ सदस्यीय टीम तीन दिनों से अलग-अलग चारों जोन में टहल रही है। शहर में जगह-जगह पड़े कूड़े के ढेर, डोर-टू-डोर कलेक्शन के लिए गाड़ियों की कमी और ओपन डंपिंग की बढ़ती समस्या ने हालात बिगाड़ दिए हैं। एक ओर नगर निगम बेहतर रैंकिंग की उम्मीद कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बदहाल पब्लिक टॉइलट, बंधवाड़ी में कूड़े का पहाड़ और सफाई कर्मचारियों की हाल ही में हुई हड़ताल शहर की छवि पर असर डाल सकती है। अब देखना है कि आईटी और ऑटोमोबाइल में देश में टॉप फाइव शहरों में रहने वाले इस शहर को इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में क्या रैकिंग मिलती है।
तीन दिन पहले को शहर में पहुंची केंद्रीय आवासन और शहरी मंत्रालय की टीम ने शहर में स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए पड़ताल शुरू कर दी है। अगले चार दिन टीम शहर में रहेगी। आठ सदस्यों की टीम सोमवार को शहर में पहुंची है। इनमें से दो-दो सदस्यों की टीम बनाकर चारों जोन में पड़ताल शुरू की गई है। एक सप्ताह तक यह टीम शहर में रहेगी। इस दौरान टीम सेनिटेशन विंग की ओर से किए जाने वाले कार्यों के अलावा लोगों का फीडबैक लेगी। देश भर में यह स्वच्छ सर्वेक्षण पूरा होने के बाद इसकी रैकिंग जारी की जाती है, लेकिन इस बार शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल रही, गार्बेज का प्रॉपर ट्रीटमेंट नही हो सका, वहीं ओपन डंपिंग के साथ ही सार्वजनिक शौचालयों के हालात भी खासे सही नहीं है।
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9 साल में यह रही है शहर की रैकिंग
: 2016 में 73 शहरों में स्वच्छता रैकिंग 37 वीं
: 2017 में 434 शहरों में रैंकिंग 112 वीं
: वर्ष 2018 में 434 शहरों में स्वच्छता रैंकिंग 105 वीं
: 2019 में 425 शहरों में रैकिंग 83 वीं
: 2020 में 425 शहरों में 62वीं रैंकिंग मिली थी
: 2021 में 425 शहरों में रैंकिंग 24 वीं
: 2022 में शहरों में रैकिंग 19 वीं
: 2023 में शहरों में रैंकिंग 140 वीं
: 2024 में शहरों में स्वच्छता रैंकिंग 41वीं आई थी।
स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर आठ सदस्यीय टीम चारों जोन में अलग-अलग प्वाइंट पर अपना सर्वे कर रही है। सर्वे टीम की रिपोर्ट के आधार पर शहर को रैंकिंग मिलेगी। - रवीन्द्र यादव, अतिरिक्त आयुक्त , नगर निगम गुरुग्राम।