गुरुग्राम। जिले को अनधिकृत कॉलोनियों से मुक्ति नहीं मिल पा रही है। अधिकारी एक जगह कार्रवाई करते हैं तो दूसरी कॉलोनी तैयार हो जाती है। जनवरी से अब तक जिला नगर योजनाकार व नगर निगम ने 120 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों को तोड़ा है। इससे करीब 20 हजार लोग बेघर हुए हैं। इस दौरान जिन मकानों में लोग रह रहे हैं, उन पर कार्रवाई नहीं की गई थी। तोड़फोड़ के बाद जिन लोगों के वहां प्लॉट थे, वे मकान बनाकर रहने लगे। ऐसे में अनधिकृत कॉलोनियां प्रशासन के गले की फांस बनती जा रही हैं।
जिला नगर योजनाकार ने जनवरी 2020 से अब तक 120 से अधिक अनधिकृत कॉलोनियों में कार्रवाई की है। इस दौरान निर्माणाधीन मकान व प्रॉपर्टी डीलरों के कार्यालय तोड़े गए। यहां बने वही मकान तोड़े गए, जिनमें कोई नहीं रह रहा था। जिन मकानों में लोग रह रहे हैं, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसका फायदा लोगों ने उठाया। यहां प्लॉट खरीदने वाले लोगों ने तोड़फोड़ के बाद लॉकडाउन के दौरान ही चोरी-छिपे मकान बना लिए और उनमें रहने लगे। इसकी सूचना पर तोड़फोड़ टीम पहुंची तो वहां मकान में लोगों को रहते देखा। इस पर महामारी फैलने का हवाला देते हुए नए बने मकानों पर कार्रवाई नहीं की गई। जिले के सेक्टर-72, 72ए, भोंडसी, रिठौज, दमदमा, पलवल रोड, नया गांव, धूमसपुर, मानेसर, बिलासपुर, फर्रूखनगर आदि क्षेत्रों में अनधिकृत कॉलोनियां बसाई जा रही हैं।
एक से दूसरी जमीन पर पहुंचे झुग्गीवासी
पिछले दिनों नगर निगम ने सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाई गई 200 से अधिक झुग्गियों को धवस्त किया था। इस कार्रवाई से बेघर करीब 20 हजार लोगों ने दूसरे क्षेत्रों का रुख कर लिया। अब उन्होेंने दूसरे विभाग की सरकारी जमीन पर झुग्गियां बना ली हैं।
अनधिकृत कॉलोनियों की तोड़फोड़ की जा रही है। पांच प्रॉपर्टी डीलर संज्ञान में आए थे, जिन्होंने कार्रवाई के बाद दोबारा कॉलोनी विकसित की। इनके खिलाफ थाने में केस दर्ज कराया गया है। अनधिकृत कॉलोनी बसने से रोकने के लिए और सख्ती की जाएगी।
- आरएस बाठ, जिला नगर योजनाकार