जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने दिया आदेश, कानूनी प्रक्रिया में खर्च 55 हजार भी देने होंगे
अमर उजाला ब्यूराे
गुरुग्राम। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने इलाज में लापरवाही बरतने पर मैक्स अस्पताल और दो डॉक्टरों पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके साथ ही दो लाख रुपये की चिकित्सा राशि वापस करने के साथ ही कानूनी प्रक्रिया में खर्च हुए 55 हजार रुपये भी पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया है।
सेक्टर -71 निवासी रश्मि सिसोदिया ने मां सरोज को पथरी की शिकायत पर सेक्टर-14 के डॉ. विमल गोसाईं से संपर्क किया था। डॉ. विमल गोसाई ने मैक्स अस्पताल के डॉ. विदुर ज्योति को बेहतर बताया था। नौ जुलाई 2021 को ऑपरेशन के लिए सरोज को मैक्स अस्पताल सुशांत लोक फेज एक में डॉक्टरों की सलाह पर भर्ती कर दिया गया। 27 जुलाई की रिपोर्ट के आधार पर सरोज को कैंसर बीमारी पाई गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन व डॉक्टर ने इसकी जानकारी परिवार को नहीं दी। दूसरी लैब से जांच कराने पर कैंसर का पता लगा। उसके बाद इलाज के लिए बाढ़सा के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। नौ जून 2022 को सरोज देवी की इलाज के दौरान मौत हो गई। रश्मि सिसोदिया ने मां के इलाज में लापरवाही बरतने के लिए मैक्स अस्पताल प्रबंधन और मैक्स अस्पताल के डॉ. विदुर ज्योति और डॉ. आयुष ढींगरा को जिम्मेदार ठहराया।
जिला उपभोक्ता निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल, सदस्य ज्योति सिवाच और खुशविंदर कौर ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अस्पताल प्रबंधन को दोषी ठहराया। आयोग ने चिकित्सीय लापरवाही के लिए डॉ. विदुर ज्योति, डॉ. आयुष ढींगरा व मैक्स अस्पताल को जिम्मेदार ठहराते हुए दस लाख का जुर्माना लगाया और इसके साथ दो लाख रुपये की चिकित्सा राशि और 55,000 रुपए कानूनी फीस वापस देने का आदेश दिया। 45 दिन में आदेश का पालन न किए जाने पर एक माह से तीन साल तक की सजा और 25 हजार से एक लाख तक जुर्माना लगाए जाने की बात जिला उपभोक्ता निवारण आयोग ने कही है।