हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
गुरुग्राम। हनीट्रैप में फंसाकर फोटो स्टूडियो संचालक के आपत्तिजनक वीडियो वायरल की धमकी देकर रुपये ऐंठने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया। शुक्रवार रात को पुलिस ने पीड़ित को ब्लैकमेल कर 50 हजार रुपये लेती दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। सहायक पुलिस आयुक्त (अपराध-1) प्रीतपाल सांगवान ने बताया कि मुख्यारोपी संजय से प्रारंभिक पूछताछ में 3 मामलों का खुलासा हुआ है, जिसमें युवकों को ब्लैकमेल कर उनसे रकम वसूली थी। पुलिस इनके गिरोह के अन्य सदस्यों की जानकारी जुटा रही है।
डूंडाहेड़ा गांव में फोटो स्टूडियो संचालक ने शुक्रवार को उद्योग विहार थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब 2 महीने पहले एक युवती का उसके पास फोन आया, जिसने अपना नाम मुस्कान बताया। युवती ने कहा कि मैं कुछ समय पहले स्टूडियो पर आई थी। दोनों के बीच कई बार फोन पर बात के दौरान दोस्ती हो गई। फिर मुस्कान ने अपनी सहेली रिया से युवक को मिलवाया। 14 मार्च को रिया के बुलाने पर स्टूडियो संचालक कमला नेहरू पार्क में मिलने गया। फिर 16 मार्च को रिया ने कॉल कर शराब-चिकन पार्टी करने को बुलाया। दोनों बस स्टैंड पर मिले, युवक शराब-चिकन लेकर गया और युवती को बाइक पर बैठाया। युवती उसे खांडसा गांव स्थित एक मकान में ले गई। पार्टी के दौरान युवक टॉयलेट गया, जब वह वापिस आया तो युवती ने दो पैग बना रखे थे। युवती ने एक पैग युवक को दिया और एक खुद पिया।
युवक ने जैसे ही शराब पी, वह बेहोश हो गया, जब वह होश में आया तो वो बगैर कपड़ों के था जबकि रिया बगल में बैठी थी। गेट पर किसी की आवाज आ रही थी। जो गेट खोलने को कह रहे थे। युवती के दरवाजा खोलते ही एक महिला व दो युवक अंदर आए और पीड़ित का वीडियो बनाते हुए मारपीट करने लगे। आरोपियों ने वीडियो वायरल करने की धमकी दी और कहा कि उसे पुलिस केस में फंसा देंगे। पीड़ित ने किसी तरह डूंडाहेड़ा गांव से अपने परिचित को बुलाया। आरोपियों ने पहले 20 लाख मांगे तो बाद में 5 लाख रुपये की मांग करने लगे। पीड़ित किसी तरह जल्द ही रुपये देने की बात कहते हुए निकल गया और पुलिस को सूचित किया।
पीड़ित की शिकायत पर उद्योग विहार थाना पुलिस ने शुक्रवार को एफआईआर दर्ज कर टीम तैयार की और पीड़ित से फोन कराते हुए आरोपियों को 50 हजार रुपये देने के लिए सेक्टर-10ए स्थित अस्पताल के पार्क में बुलाया। जब आरोपी उनसे रुपये लेने के लिए पहुंचे तो पुलिस टीम ने छापा मारकर दो महिलाओं व एक युवक को दबोच लिया। आरोपियों की पहचान दिल्ली मदनपुर खादर की जेजे कॉलोनी निवासी बिथिका उर्फ रिया अधिकारी, दिल्ली के मदरगीर में रहने वाले एमपी जबलपुर की महिमा उर्फ माही और गढ़ी हरसरू के पास न्यू कॉलोनी निवासी पूरणमल उर्फ भगते के तौर पर हुई। पुलिस ने इन तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस ने तीनों से पूछताछ के बाद शनिवार को गिरोह के सरगना संजय को दबोच लिया।
संजय के इशारे पर देते थे वारदात को अंजाम
आरोपियों ने बताया कि वह दौलताबाद गांव निवासी संजय के इशारे पर पूरी वारदात को अंजाम देते थे। जो फिलहाल गढ़ी हरसरू गांव में रहता है। पीड़ित ने बताया कि वह आरोपी को पहले भी 10 हजार रुपये दे चुका है। आरोपी फिलहाल गढ़ी हरसरू में रहता है। उसी ने यह साजिश रची थी। साथ ही पीड़ित से 10 हजार रुपये भी वो ले चुका था। उससे पूछताछ में तीन अन्य मामलों का खुलासा हुआ है। अप्रैल 2019 में शिवाजी नगर थाना, मई 2019 में सेक्टर-9 थाना व जून 2019 में सेक्टर-5 थाना में ये अवैध वसूली के मामले दर्ज हैं। पुलिस गिरोह सरगना से पूछताछ में जुटी हुई है।