गुरुग्राम। टीबी की पहचान व लोगों को इसके प्रति जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार से टीबी खोजो अभियान (एक्टिव केस फाइंडिंग कैंपेन) की शुरुआत की है। जिले में यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा, जिस दौरान विभाग ने टीबी के लक्षण वाले दो लाख लोगों की जांच करने का लक्ष्य तय किया है। टीबी खोजो अभियान के लिए जिले में 400 टीमें बनाई गई हैं, जिसमें मुख्य रूप से आशा कार्यकर्ताओं को लगाया गया है। खास बात यह है कि अभियान के दौरान टीमों के द्वारा ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में समान रूप से जांच की जाएगी।
मरीज में टीबी की पुष्टि होने पर विभाग द्वारा आशा कार्यकर्ता को प्रति मरीज 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, जबकि मरीज का निशुल्क इलाज करने के साथ ही रोग मुक्त होने तक उसको प्रति माह 500 रुपये खानपान के लिए दिया जाएगा।
डोर टू डोर चलाया जाएगा अभियान :
जिला टीबी अधिकारी विजय चौहान ने बताया कि 30 सितंबर तक चलने वाले अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग व आशा कार्यकर्ताओं की टीम डोर टू डोर जाकर टीबी के मरीजों की पहचान करेगी। विभाग झुग्गी-झोपड़ियों समेत उन क्षेत्रों में खास तौर पर अभियान चलाएगा, जहां पर टीबी मरीजों के पाए जाने की आशंका होगी। टीबी के लक्षण पाए जाने पर विभाग की टीम तत्काल मरीज से बलगम इत्यादि का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजेगी। पुष्टि होने पर मरीज का सरकारी अस्पताल में निशुल्क इलाज शुरू कर दिया जाएगा। चौहान के मुताबिक शासन ने 2025 तक पूरे प्रदेश को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य तय किया है, जिसको ध्यान में रखते हुए विभाग तेजी से कार्य करेगा।