ग्रामीण और शहरी तालाबों में छोड़ी जा रहीं गंबूजिया मछली
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत विशेष टीमों का गठन शुरू कर दिया गया है। ये टीमें गांव और शहरों में जागरूकता अभियान चलाने, लोगों के रक्त के सैंपल लेने और डेंगू के लार्वा की जांच करेंगी। जिला, सीएचसी और पीएचसी स्तर पर अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
विभाग ने संदिग्ध मरीजों की जल्द पहचान और समय पर इलाज को प्राथमिकता में रखा है। अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों को रक्त जांच कराने की सलाह दी जा रही है। वहीं, नागरिक अस्पताल में डेंगू मरीजों के उपचार के लिए विशेष वार्ड तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ग्रामीण के तालाबों में 160 और शहरी के 44 तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही हैं।
आसपास पानी जमा न होने दें
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देने और बुखार होने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जहां भी डेंगू का लार्वा मिलेगा वहां लोगों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जिले में डेंगू का अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। जरूरी दवाओं और फॉगिंग सामग्री का पर्याप्त स्टॉक भी उपलब्ध करवाया गया है ताकि मरीजों का समय पर इलाज किया जा सके।
संदिग्ध मरीजों की जांच
सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को निर्देश दिए हैं कि क्षेत्र में नियमित सर्वे कराया जाए और संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच सुनिश्चित की जाए। आशा वर्कर, एएनएम और स्वास्थ्य कर्मियों को भी लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।
आमजन से अपील की है कि घरों के आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर का पानी नियमित रूप से बदलें और बुखार आने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में जांच करवाएं। डेंगू व मलेरिया से बचाव के लिए हर स्तर पर तैयारी पूरी कर ली गई है। -
डाॅ. जयप्रकाश, डिप्टी सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग