- प्रशासन पर शिकायतों को दबाने और उच्चाधिकारियों को गुमराह करने के आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। नगरपालिका पुन्हाना से जुड़े कथित अनियमितताओं और टेंडर प्रक्रिया में धांधली के मामले में ढाई माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर अब मामला और गरमा गया है। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री हरियाणा को लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, वहीं न्याय नहीं मिलने पर स्थानीय अदालत की शरण भी ली गई है।
शिकायतकर्ता एवं सीएम विंडो के एमिनेंट पर्सन ललित कुमार गर्ग का आरोप है कि जमालगढ़ रोड स्थित एक निजी भूमि, जहां पहले दूध डेयरी संचालित होती थी और बाद में कथित रूप से अवैध प्लॉटिंग की गई, वहां नगरपालिका पुन्हाना द्वारा सरकारी धन से सड़क निर्माण कार्य कराया गया। आरोप है कि निजी रास्ते को सरकारी कार्य दर्शाकर लगभग 11 लाख रुपये का टेंडर लगाया गया, जबकि सड़क निर्माण कार्य पहले ही पूरा कराया जा चुका था।
शिकायतकर्ता का कहना है कि इस पूरे मामले को लेकर कई बार उपमंडल अधिकारी, जिला उपायुक्त नूंह तथा डीएमसी नूंह को लिखित शिकायत देकर अवगत कराया गया, लेकिन आज तक किसी प्रकार की निष्पक्ष एवं गहन जांच नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन मामले की वास्तविक जांच करने की बजाय मनमाने तरीके से शिकायतों का जवाब तैयार कर उच्चाधिकारियों को गुमराह कर रहा है, ताकि शिकायतों का कागजी निपटारा किया जा सके। जबकि जमीनी हकीकत यह है कि आज तक प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले की गंभीरता से जांच तक नहीं की।
अदालत में दायर की अपील :
इसके साथ ही शिकायतकर्ता ने न्याय की उम्मीद में स्थानीय अदालत में भी अपील दायर की है। अदालत से मामले की निष्पक्ष सुनवाई एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि यदि पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जाए तो टेंडर प्रक्रिया में गंभीर अनियमितता, अधिकारियों-ठेकेदार की मिलीभगत तथा सरकारी धन के दुरुपयोग का खुलासा हो सकता है।