सेना के जवानों ने शस्त्र झुकाकर अंतिम सलामी दी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। गांव अभयपुर निवासी हवलदार प्रीतम खटाना का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। शहीद के 13 वर्षीय बेटे ने मुखग्नि दी। इस अवसर पर काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
रविवार को जैसे ही भारतीय सेना में तैनात हवलदार प्रीतम खटाना का शव गांव पहुंचा तो लोगों की आंखें नम हो गईं। सेना के जवानों ने शस्त्र झुकाकर अंतिम सलामी दी। इसके अलावा गणमान्य लोगों ने पुष्प अर्पित करके हवलदार प्रीतम को श्रद्धांजलि दी। प्रीतम खटाना वर्ष 2011 में भारतीय सेना की आर्मी सर्विस कोर में हवलदार के पद पर भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती लेह लद्दाख क्षेत्र में थी। ड्यूटी के दौरान ऑक्सीजन की कमी के चलते उनकी तबीयत बिगड़ गई, जिनको तुरंत चंडीगढ़ के एक सैन्य अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल कराया गया, जहां पर इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। प्रीतम खटाना अपने पीछे पत्नी, बेटा व बेटी को छोड़ गए हैं। सोहना नायब तहसीलदार सुरेश कुमार ने बताया कि उनके पास प्रशासनिक अधिकारी होने के बाबजूद किसी भी प्रकार की सूचना नहीं थी। उन्होंने तहसील क्षेत्र का सैनिक होने के कारण अंतिम संस्कार में पटवारी को सम्मान देने के लिए भेज दिया था।