गुरुग्राम। हरियाणा शिक्षा निदेशालय ने एक मार्च से पहली कक्षा से स्कूलों को खोलने की तैयारियां शुरू कर दी है। वहीं, अभिभावक इस निर्णय से सहमत नजर नहीं आ रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि एक ओर जिले में कोरोना संक्रमितों के आंकड़े बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है, वहीं शिक्षा विभाग बच्चों को स्कूल बुलाकर खतरे में डाल रहा है। गुरुग्राम पेरेंट्स एसोसिएशन के सदस्यों ने पहली से प्राइमरी कक्षाओं को शुरू करने का विरोध किया है। उन्होंने बताया कि बच्चे स्कूल जाना चाहते हैं लेकिन इस स्थिति में कोई भी अभिभावक उन्हें नहीं भेजेगा। यह जल्दबाजी में लिया गया निर्णय लिया है। सरकार को यह निर्णय वापस लेना चाहिए।
बृहस्पतिवार से शिक्षा निदेशालय ने तीसरी से पांचवीं तक की कक्षाओं के लिए स्कूलों को शुरू किया था। उसी दिन एक मार्च से पहली व दूसरी कक्षाओं को शुरू करने के आदेश भी जारी कर दिए हैं। पहले दिन 40 फीसदी विद्यार्थियों ने कक्षाओं में उपस्थिति दिखाई है। अभी तक जिले के 70 फीसदी स्कूल निजी स्कूलों में प्राथमिक कक्षाओं को शुरू नहीं कर रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों की सहमति के लिए संदेश भेजे जा रहे हैं।
कोरोना के दोबारा बढ़ते मामलों के बाद कई राज्यों में लॉकडाउन लगाने की स्थिति पैदा हो गई है। वहीं, हरियाणा में पहली कक्षा से स्कूलों को शुरू किया जा रहा है। यह पूर्णत: अनुचित फैसला है।
- हिमांशु, गुरुग्राम पेरेंट्स एसोसिएशन
- पहली कक्षा से स्कूल खोलने का निर्णय सभी को अचंभित कर रहा है। इन बच्चों को सामाजिक दूरी, मास्क की समझ नहीं हैं। सरकार बच्चों को खतरे में डाल रही है।
- कमल गर्ग, अभिभावक
अभी वैक्सीन सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों को लगाई गई है। बच्चों पर इसका ट्रायल भी नहीं किया गया है। बोर्ड कक्षाओं को शुरू करना उचित है। अन्य को ऑनलाइन कक्षाओं तक ही रखना चाहिए। मैं अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजूंगा।
- सुनील रेवो, अभिभावक
स्कूल संगठनों ने किया स्कूल खोलने के फैसले का स्वागत
हरियाणा शिक्षण संस्थान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष यशपाल यादव ने बताया कि स्कूल प्रबंधन इस कदम का स्वागत करते हैं। पहले ही स्कूलों को खोल देना चाहिए था। अभिभावक काफी हद तक रुचि दिखा रहे हैं। प्रबंधन अभिभावकों को संदेश भेज रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार को स्कूल बसों का पैसेंजर टैक्स माफ कर देना चाहिए। अभी अभिभावक फीस नहीं दे रहे हैं। ऐसे में सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
तीसरी से पांचवीं तक पहले ही दिन 40 फीसदी बच्चे पहुंचे हैं। अब अगले आदेशानुसार पहली से स्कूलों को खोलने की तैयारी शुरू कर दी है - प्रेमलता, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम।