मिड-डे मील की तर्ज पर अब नौंवी से बारहवीं तक के छात्रों को भी सूखा राशन मिलेगा। प्रति माह सरकारी स्कूलों के छात्रों को ‘खिलाने की है जरूरत’ (नीड टू फीड) अभियान के तहत सूखा राशन की किट मिलेगी।
शिक्षा विभाग द्वारा छात्रों को संतुलित आहार उपलब्ध कराने के लिए इस अभियान को शुरू किया गया। बुधवार को जिले के राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से इस अभियान की शुरुआत हुई। जिले के तकरीबन 40 हजार से ज्यादा छात्रों को राशन दिया जाएगा।
अब तक सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं तक के छात्रों को मिड-डे मील दिया जाता रहा है। कोरोना काल में स्कूल बंद होने पर छात्रों के घर सूखा राशन पहुंचाया गया है। वहीं अब नौंवी से बारहवीं तक के छात्रों के विकास के लिए सूखा राशन की किटें वितरित की जाएंगी।
उपायुक्त यश गर्ग ने राजकीय संस्कृति स्कूल में 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को सूखा राशन की किटें वितरित की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के लिए शारीरिक और मानसिक स्तर पर विकसित होना आवश्यक है। इसके लिए उन्हें नियमित संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए।
स्कूलों मेें सूखा राशन का वितरण डेंटसू इंडिड व सुमाया एग्रो लिमिटेड नामक संस्थाओं की मदद से किया गया। प्राचार्य ने बताया 400 विद्यार्थियों को यह किट दी गई है। इस मौके पर सुमाया एग्रो लिमिटेड के सीईओ सुमित पाल सिंह, चेयरमैन उशिक गाला, डेंटसू इंडिड से आरुषि शर्मा, सस्टेंनेबिलिटी से साहिल अरोड़ा, सहायक शिक्षा अधिकारी जगदीश, विद्यालय की प्राचार्य आशा मिगलानी आदि उपस्थित रही।
किट में मिलेगा आटा, चावल, दाल और तेल
मुख्यमंत्री की सुशासन सहयोगी कनिका ने बताया कि छात्रों को राशन की एक किट दी जाएगी। इस किट में विद्यार्थियों को 250 एमएल सरसों का तेल, 3 किलोग्राम चावल, 2 किलोग्राम आटा, 500 ग्राम मूंग की दाल, 1 किलोग्राम चीनी दी जाएगी।
अब नौंवी से बारहवीं तक के छात्रों को सूखा राशन की किट वितरित की जाएगी। इस किट में पोषक आहार को शामिल किया जाएगा। शारीरिक रुप से स्वस्थ होने के साथ ही छात्र मानसिक रुप से भी स्वस्थ होंगे। - इंदु बोकन, जिला शिक्षा अधिकारी