गुरुग्राम। फरीदाबाद का 16 वर्षीय मानसिक व शारीरिक रूप से दिव्यांग विशाल, जिसे गोद लेने वाले माता-पिता का कोरोना से निधन होने के बाद वह दोबारा से अनाथ हो गया है। रविवार को प्रदेश सरकार ने बच्चे को गोद ले लिया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल चंडीगढ़ से दिल्ली जाते समय बीच में ही अचानक गुरुग्राम के दीप आश्रम पहुंचे। जहां उन्होंने विशाल से मुलाकात की और उसके पालन पोषण और देखभाल का खर्च प्रदेश सरकार द्वारा किए जाने की घोषणा की। हीं वह अन्य मानसिक रूप से दिव्यांग बच्चों से भी मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड के कारण अनाथ हुए बच्चों के लिए प्रदेश सरकार ने ‘मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना’ की घोषणा की थी। प्रधानमंत्री ने भी पीएम केयर्स फंड के माध्यम से ऐसे बच्चों का पालन पोषण 23 साल तक की उम्र तक करने के लिए योजना बनाई है। आज भारतीय जनता पार्टी का सेवा दिवस भी है। इस नाते से अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से विशाल के बारे में पता चला कि वह बचपन से अनाथ था, जिस माता-पिता ने उसे गोद लिया था, वे भी दुर्भाग्यवश नहीं बच पाए। ऐसे बच्चों की सहायता के लिए हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना बनाई है। जिससे कि इन बच्चों का जीवन आगे भी ठीक से चले, इनका पालन पोषण सही ढंग से हो। उन्होंने कहा कि विशाल मानसिक रूप से दिव्यांग और दृष्टिहीन भी है। वह बोल भी नहीं सकता। दीपाश्रम संस्था ऐसे बच्चों की सेवा कर रही है, जोकि बहुत ही सराहनीय काम है। ऐसी संस्थाओं और आश्रम की भी हरियाणा सरकार निश्चित रूप से सहायता करेगी।
फरीदाबाद निवासी दंपति ने लिया था गोद
फरीदाबाद के जयपाल और जगवंती की कोई औलाद नहीं थी। उन्होंने बचपन में ही विशाल को गोद लिया था। जयपाल की 14 मई को कोविड-19 के कारण मृत्यु हो गई। उसके बाद जगवंती का भी 21 मई को निधन हो गया। उसे गुरुग्राम की दीपाश्रम नामक संस्था बाल कल्याण परिषद से ऑनलाइन मंजूरी लेकर फरीदाबाद से अपने यहां ले आई थी। इस मौके पर दीप आश्रम के इंचार्ज फादर शाजी, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार अमित आर्य, पुलिस आयुक्त केके राव, उपायुक्त डॉ. यश गर्ग, नगर निगम आयुक्त विनय प्रताप सिंह, डीसीपी दीपक, जिला बाल कल्याण अधिकारी वीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।
फोटो- अनाथ बच्चे विशाल को देखते मुख्यमंत्री मनोहर लाल।