लश्कर सरगना हाफिज सईद के फाइनेंसर कश्मीरी व्यापारी जहुर अहमद शाह वटाली की गुरुग्राम में संपत्ति अटैच करने के मामले को देखते हुए जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। ईडी की कार्रवाई के बाद जिला प्रशासन ने जिले की सभी संपत्तियों की जांच करने के आदेश दिए हैं।
तहसील में पंजीकृत होने वाली सभी संपत्तियों के पहचान नंबर को वसीकाओं में दर्ज करने के भी आदेश जारी किए गए हैं। इसके साथ ही आला अधिकारी भी यह खंगालने में जुटे हैं कि आखिर वटाली की संपत्ति की रजिस्ट्री किस तरह से हुई। ऐसे में रजिस्ट्री करने वाले स्टाफ में भी हलचल मची हुई है।
जिला उपायुक्त अमित खत्री ने सभी संपत्तियों की पहचान नई वसीकाओं में दर्ज करना अनिवार्य किया है। इसके अलावा पहले से पंजीकृत हो चुकी रजिस्ट्री में भी पहचान नंबर जोड़ने की कवायद शुरू कर दी गई है। इस बाबत जिला उपायुक्त ने जिले के सभी तहसीलदार व नायब तहसीलदार को आदेश जारी किए हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को डीएलएफ फेज-2 में लश्कर सरगना हाफिज सईद के फाइनेंसर जहुर अहमद शाह वटाली के करोड़ों रुपये के फ्लैट को कुर्क किया थी। यह फ्लैट टेरर फंडिंग से फलाह ए इंसानियत फाउंडेशन के जरिए खरीदा गया था।