भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक व्यक्ति की शिकायत पर की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) गुरुग्राम की टीम ने ग्वाल पहाड़ी पुलिस चौकी प्रभारी को 1.15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी सब इंस्पेक्टर भवन निर्माण सामग्री ले जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली का चालान न करने की एवज में रिश्वत मांग रहा था। एसीबी के प्रवक्ता जितेंद्र कुमार के अनुसार आरोपी सब इंस्पेक्टर की पहचान चेतन शर्मा के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और उसे अदालत में पेश किया। जहां पर अदालत ने उसे जेल भेज दिया है।
एसीबी के मुताबिक शिकायतकर्ता नोएडा का रहने वाला है। उसने एसीबी को बताया कि एक प्लॉट फरीदाबाद रोड पर है। प्लॉट पर निर्माण कार्य चल रहा है। उसने आरोप लगाया कि सब इंस्पेक्टर चेतन शर्मा ने उनसे ट्रैक्टर-ट्रॉली द्वारा सप्लाई की गई निर्माण सामग्री के हर राउंड पर रिश्वत की मांग की। वह उससे उगाही करने की कोशिश कर रहा था। जिससे परेशान होकर वह एसीबी में चला गया। शिकायत के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने छापेमारी की और शुक्रवार देर शाम आरोपी चेतन शर्मा को शिकायतकर्ता से 1.15 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी में शिकायत कराने वाला मास्टर माइंड कौन चर्चा का विषय बना
जिस चौकी से प्रभारी को एसीबी ने गिरफ्तार किया है, उस चौकी का हवलदार सुनील भी कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। एसीबी को तीन शिकायतों में किसी मास्टर माइंड का हाथ है। जिस समय एसीबी उसे दबोचने आई थी वह मास्टर माइंड उनकी गाड़ी में बैठा था। कमिश्नरेट में इस बात की चर्चा है कि मास्टर माइंड दो माह से चौकी प्रभारी को एसीबी से पकड़वाने के लिए जाल फैला रहा था। जिस प्लाट पर मिट्टी डालने की बात हो रही है पुलिस को वह प्लाट अब तक नहीं मिला है।
कमिश्नरेट में नंबर एक पर रहती थी चौकी
पुलिस की कार्यशैली में नंबर एक पर ग्वाल पहाड़ी चौकी रहती थी। पुलिस आयुक्त की ओर से अलग-अलग थाने व चौकी के कार्य की होने वाली समीक्षा बैठक में नंबर एक पर उस चौकी को पाया जाता था। वहां पर कोई मामला लंबित नहीं था और नहीं किसी तरह की शिकायत मिलती थी। कमिश्नरेट में तैनात अधिकारियों की नजर में आरोपी का काम बेहतर था मगर उसकी ओर से आए लालच को उसकी गिरफ्तारी का कारण माना जा रहा है।