प्रवीन टेलीग्राम व इंस्टाग्राम के माध्यम से भारत में युवाओं से संपर्क करता और भारत के युवाओं को थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनको विश्वास में ले लेता। इसके बाद थाइलैंड में रह रहे अपने अन्य साथियों की सहायता से उन्हें अवैध तरीके से थाईलैंड से म्यांमार भेज देता। वहां ले जाकर चाईना मूल के लोगों द्वारा संचालित साइबर ठगी के कार्य में भारतीय युवाओं को झोंक देता। जब कोई व्यक्ति इसका विरोध करता तो उन्हें ये मारने की धमकी देते और वापस भेजने के लिए मोटी रकम वसूलते। इस मामले में भी आरोपी के साथियों ने पीड़ित युवक को भारत वापस भेजने के बदले 4700 डॉलर की डिमांड की थी।
दो युवाओं को झांसा देकर भेजा विदेश
पुलिस की जांच और आरोपी प्रवीन से पूछताछ में पता चला कि वह जींद के दो युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर विदेश भिजवा चुका है। प्रवीन ने पुलिस को बबताया कि वे मानव तस्करी करने, नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी के लिए युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर किसी अन्य देश ले जाते। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर साइबर ठगी के काम करवाते। इसके बदले वह अपने अन्य साथियों के माध्यम से चाइना मूल के ठगों से मोटा कमीशन मिलता।
प्रवीन का आपराधिक रिकॉर्ड
आरोपी प्रवीन का आपराधिक रिकॉर्ड जांचने पर पता चला कि उसके खिलाफ वीजा दिलाने के नाम पर रुपये ठगने के संबंध में जींद जिले में एक मामला दर्ज है। 20 युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के झांसा देकर मानव तस्करी करने के अलग-अलग तीन मामलों में गुरुग्राम पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ करके पुलिस जल्द ही अन्य साथी आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।
आरोपी प्रवीन को 28 नवंबर को अदालत में पेश करके दो दिन रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। रिमांड के दौरान आरोपी से अन्य वारदातों व साथी आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की जानकारी जुटाई जा रही है। -प्रियांशु दीवान, सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर अपराध), गुरुग्राम