गुरुग्राम आर्थिक अपराध शाखा-2 की पुलिस ने फर्म बंद करके मशीनरी व सामान बेचकर धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपी कंपनी मालिक 25 जनवरी को महाराष्ट्र के पलावा शहर से गिरफ्तार किया है। फर्म में हिस्सेदारी दिलाने के नाम पर 67.71 लाख रुपये निवेश कराकर धोखाधड़ी की थी। इस मामले में 26 नवंबर 2024 को खेड़कीदौला थाने में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा-2 को सौंपी गई थी।
मामले में वांछित आरोपी की पहचान जम्मू-कश्मीर के दशमेर नगर निवासी मिथुन (37) के रूप में हुई है। वह 12वीं कक्षा तक पढ़ा है। आरोपी से पूछताछ करने पर पता चला कि उसने वर्ष 2019 में नेसेंट कंपनी की स्थापना की थी। वर्ष 2021 में मिथुन ने मामले में शिकायतकर्ताओं को फर्म में हिस्सेदार बनाया क्योकिं फर्म घाटे में चल रही थी और उस पर कर्ज बढ़ रहा था। वर्ष 2022 में मिथुन ने फर्म की मशीनरी व सामान बेचकर फर्म बंद कर दी और साझेदारों को कोई राशि लौटाए बिना भाग गया था। वर्तमान में मिथुन महाराष्ट्र के पलावा शहर में कसिर नामक फर्म (फ्रूट्स सप्लाई से संबंधित) का संचालन कर रहा था।
बता दें कि शिकायतकर्ताओं संदीप कुमार व राजेश कुमार ने पुलिस को बताया कि नेसेंट फर्म के मालिक मिथुन सिंह ने उनसे संपर्क करके अपनी फर्म में हिस्सेदारी दिलाने का आश्वासन दिया। मिथुन ने उसने 67,71,728 रुपये का निवेश कराकर उन्हें फर्म में पार्टनर बना लिया था। मिथुन ने वर्ष 2022 में धोखाधड़ी की नीयत से फर्म को बंद कर दिया और फर्म की मशीनरी व अन्य सामान को बेचकर भाग गया। मिथुन ने संदीप कुमार व राजेश कुमार की राशि वापस नहीं की थी।
पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि आरोपी मिथुन को अदालत में पेश करके एक दिन के रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान आरोपी के अन्य साथियों की पहचान, ठगी की गई राशि की बरामदगी, संबंधित दस्तावेजों की रिकवरी व अन्य धोखाधड़ी/आपराधिक मामलों के बारे में पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर मामले की आगामी कार्रवाई की जाएगी।