सेक्टर-10 में ऑटो मार्केट की जमीन पर नगर निगम ने मलबा डंपिंग स्टेशन बना रखा था, खाली कराई
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) दूसरे चरण में मेट्रो निर्माण के लिए कास्टिंग यार्ड सेक्टर-दस में स्थापित करेगी। सेक्टर-10 ऑटो मार्केट की जमीन पर नगर निगम कई साल से मलबा डाल रहा था, जिसे अब खाली करा दिया गया है। मेट्रो की टीम ने शुक्रवार को सेक्टर-10 की जगह का मौका मुआयना भी किया।
जीएमआरएल की यहां पर कास्टिंग यार्ड बनाने की योजना है। यहां पर निर्माण कंपनी गर्डर, एलिवेटेड गर्डर समेत अन्य सामान बनाने के लिए प्लांट स्थापित करेगी। ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में 28.5 किलोमीटर में 27 एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन होंगे। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक निर्माण कार्य चल रहा है। इसमें मिलेनियम सिटी मेट्रो, सेक्टर-45, साइबर पार्क, सेक्टर 47, सुभाष चौक, सेक्टर-48, सेक्टर-72 ए, हीरो होंडा चौक, उद्योग विहार फेज- 6, सेक्टर-10, सेक्टर-37, बसई गांव व सेक्टर-9 स्टेशन बनने हैं। पहले चरण के लिए कास्टिंग यार्ड/बैचिंग प्लांट सेक्टर 33 स्थित ट्रांसपोर्ट नगर में पांच हेक्टेयर में बनाया जा रहा है। निर्माण कंपनी यहां पर कर्मचारियों के रहने और गर्डर आदि निर्माण के लिए कदम उठा रही है। पहले चरण में पाइल टेस्टिंग का काम नौ जगहों पर किया जाना है। दूसरा सेक्टर 44 के पास पिलर निर्माण के लिए बैरिकेडिंग कर दी गई है।
दो जगहों पर होंगे तैयार
जीएमआरएल दो साल में मेट्रो परियोजना को पूरा करना चाहता है। ऐसे में पहले चरण के लिए कास्टिंग यार्ड सेक्टर 33 में बनाया जा रहा है। यहां पर कंपनी गर्डर, एलिवेटेड गर्डर समेत अन्य सामान बनाने के लिए प्लांट स्थापित करेगी। दूसरे चरण का कास्टिंग यार्ड का निर्माण सेक्टर दस में किया जाएगा। दूसरे चरण में सेक्टर नौ से साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण होता है। जीएमआरएल की ओर से दूसरे चरण के लिए सिविल वर्क के लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। बता दें कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने साल 2002 में सेक्टर दस में ऑटो मार्केट बनाने की योजना तैयार की थी। इसे पहले से 34.14 एकड़ में विकसित करना था। एचएसवीपी ने ऑटो मार्केट साइट पर सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने के लिए साल 2019 को तीन एकड़ जमीन नगर निगम को दी थी। अब मेट्रो निर्माण को लेकर इसे खाली करा दिया गया है। जीएमआएएल को जरूरत के अनुसार अस्थाई रूप से जमीन दी जाएगी।