अभी डीएमआरसी व जीएमआरएल द्वारा संयुक्त रूप से किया रहा संचालन व रखरखाव
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचएमआरटीसी) ने गुरुग्राम रैपिड मेट्रो प्रणाली को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) से गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रैपिड मेट्रो का संचालन सिकंदरपुर-साइबर सिटी-सेक्टर-56 तक किया जा रहा है।
बैठक में बताया गया है कि जब तक गुरुग्राम रैपिड मेट्रो की पूरी जिम्मेदारी जीएमआरएल को नहीं सौंप दी जाती, तब तक संचालन और रखरखाव डीएमआरसी व जीएमआरएल द्वारा संयुक्त रूप से किया जाएगा। इस हस्तांतरण को सुचारू बनाने के लिए संयुक्त समितियों का गठन किया गया है और शर्तें (टीओआर) तय कर दी गई हैं। इसके लिए एक व्यापक कार्यप्रणाली और निश्चित समय-सीमा को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह निर्णय चंडीगढ़ में मुख्य सचिव व एचएमआरटीसी
के चेयरमैन अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की 62वीं बोर्ड बैठक में लिया गया।
62.49 लाख यात्रियों ने किया रैपिड मेट्रो का उपयोग
बैठक में बताया गया है कि गुरुग्राम रैपिड मेट्रो ने अप्रैल से जुलाई 2025 के बीच अच्छा प्रदर्शन किया है। इस अवधि में 62.49 लाख यात्रियों ने मेट्रो सेवा का उपयोग किया, जो वर्ष 2024 की समान अवधि की तुलना में 13.59 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। किराया राजस्व में भी 11.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। एचएमआरटीसी के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर खरे ने बताया कि बेहतर परिचालन दक्षता के कारण कॉरपोरेशन ने परिचालन व्यय में 6.33 प्रतिशत की कमी दर्ज की है, जिससे वित्तीय स्थिति और संतुलित हुई है। एचएमआरटीसी ने गैर-किराया स्रोतों से भी आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। किराये, विपणन और विज्ञापन अधिकारों से होने वाली आय अप्रैल से जुलाई 2025 के दौरान 21.11 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 15.56 करोड़ रुपये थी। केवल मेट्रो वायाडक्ट और पिलर्स पर 22 विज्ञापन स्थलों की ई-नीलामी से ही 58.34 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व की उम्मीद है, जिसमें से एचएमआरटीसी का हिस्सा 35 करोड़ रुपये से अधिक होगा।
वहीं, गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा/ग्रेटर नोएडा नमो भारत कॉरिडोर के डीपीआर पर कार्य शुरू हो चुका है। इसे पांच मई 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंजूरी दी गई थी। इसके अलावा, दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर पर काम होना है। इसकी संशोधित डीपीआर इस समय केन्द्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के विचाराधीन है। साथ ही राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने प्रस्तावित दिल्ली (मुनीरका)-रोहतक नमो भारत कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर काम शुरू कर दिया है। यह महत्वाकांक्षी कॉरिडोर दिल्ली आईजीआई टर्मिनल 1, 2 और 3, यशोभूमि (द्वारका सेक्टर-25), नजफगढ़, बहादुरगढ़ और रोहतक को जोड़कर बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।