पीएमओ स्तर से होगी निगरानी, परियोजना की अड़चनें दूर करने के लिए विभागों में बेहतर समन्वय पर जोर
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को केंद्र सरकार की पीएम गति शक्ति योजना के तहत चुनिंदा महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल किया गया है। इसके बाद परियोजना के महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति पर प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) स्तर से भी नजर रखी जाएगी। परियोजना के महत्व और गुरुग्राम की कनेक्टिविटी में इसकी भूमिका को देखते हुए इसे गति शक्ति के तहत निगरानी के लिए चुना गया है।
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में जमीन, यूटिलिटी शिफ्टिंग और अन्य विभागों से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण कई कार्यों की गति प्रभावित हो रही थी। गति शक्ति में शामिल होने के बाद विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ इन अड़चनों को दूर करने और परियोजना के कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। केंद्र और राज्य सरकार दोनों स्तरों पर परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
गुरुग्राम में मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक मेट्रो का निर्माण प्रस्तावित है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-नौ तक एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी चरण में बसई से सेक्टर-102 तक अलग स्पर का निर्माण भी प्रस्तावित है। परियोजना की प्रगति और निर्माण में आ रही अड़चनों को लेकर हाल में आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत कैपिटल डेवलपमेंट विभाग की सचिव और गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) की चेयरपर्सन डी. थारा ने जीएमआरएल के प्रबंध निदेशक डॉ. चंदर शेखर खरे के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा की थी। अधिकारियों ने उमंग भारद्वाज चौक और हीरो होंडा चौक का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति देखी थी। इस दौरान भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई), गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए), दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) और हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल) समेत संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ यूटिलिटी शिफ्टिंग और अन्य बाधाओं को दूर करने पर चर्चा हुई थी।
डिपो के लिए 33 एकड़ जमीन मिली
सेक्टर-33 में मेट्रो डिपो का निर्माण भी प्रस्तावित है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने करीब 33 एकड़ जमीन जीएमआरएल को हस्तांतरित कर दी है। लंबे समय से जमीन हस्तांतरण की औपचारिकताएं पूरी की जा रही थीं। परियोजना क्षेत्र में आने वाले पेड़ों की कटाई से संबंधित औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं। जीएमआरएल ने डिपो-कम-वर्कशॉप के सिविल और आर्किटेक्चरल कार्यों के लिए टेंडर जारी किया था। फिलहाल टेंडर से संबंधित कागजातों की जांच की जा रही है। कार्य आवंटित होने के बाद निर्माण एजेंसी को 21 माह में काम पूरा करना होगा। डिपो में मेट्रो ट्रेनों की पार्किंग, संचालन, रखरखाव और मरम्मत की सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यू-गर्डर रखने का काम शुरू
मेट्रो परियोजना के एलिवेटेड वायाडक्ट के निर्माण में भी अब तेजी आने लगी है। पहले पियर कैप (पी-2-28) की सफल स्थापना के बाद यू-गर्डर रखने का काम शुरू किया जा रहा है। अभी तक चार पिलर पर पियर कैप लगाने का काम पूरा हो चुका है। इन पर यू-गर्डर रखे जाएंगे। पियर कैप की स्थापना और यू-गर्डर लॉन्चिंग के साथ एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। शुक्रवार देर रात यू गर्डर रखने के काम का शुभारंभ मंत्री राव नरबीर सिंह की ओर से किया गया।
ये है पीएम शक्ति योजना
पीएम गति शक्ति योजना भारत सरकार का एक राष्ट्रीय मास्टर प्लान है। यह देश के बुनियादी ढांचे के विकास को गति देने और विभिन्न मंत्रालयों के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है। मुख्य उद्देश्य और विशेषताएंमल्टी-मोडल कनेक्टिविटी के तहत सड़क, रेल, हवाई अड्डे, बंदरगाह और जलमार्ग जैसे परिवहन के सभी साधनों को एक ही नक्शे पर जोड़ा जाता है ताकि आवाजाही निर्बाध हो सके। इससे परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन तेजी से होता है। जीआईएस तकनीक से परियोजनाओं की सही योजना और कमियों को दूर करने के लिए आधुनिक तकनीक और उपग्रह चित्रों का उपयोग किया जाता है।