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Gurugram News: गुरुग्राम मेट्रो और एक्सप्रेसवे परियोजनाएं पकड़ेंगी रफ्तार

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केंद्रीय मंत्री ने गुरुग्राम की बड़ी विकास परियोजनाओं को समय से पूरा करने का दिया निर्देश
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नंबर गेम - 2028 तक एसपीआर परियोजना का काम पूरा करने का लक्ष्य

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमडीए और नगर निगम की ओर से चल रही अलग-अलग परियोजनाओं को समय से पूरा करने को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री एवं गुरुग्राम के सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने मंगलवार को स्थानीय लघु सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, उनके निर्धारित समय में पूरा होने की संभावनाओं और कार्यों में तेजी लाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को परियोजनाओं को तय समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।


बैठक में पलवल-सोहना-मानेसर-सोनीपत ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर, पुराना गुरुग्राम मेट्रो प्रोजेक्ट, दिल्ली-बावल आरआरटीएस कॉरिडोर, ग्रेटर एसपीआर रोड, खेड़की दौला से वाटिका चौक व वाटिका चौक से घाटा चौक तक एलिवेटेड एसपीआर रोड, नए राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण, एनसीआर वाटर चैनल से भूमिगत पाइपलाइन परियोजना, निजी बिल्डर सोसायटियों में एसटीपी निर्माण और वर्षा जल निकासी से जुड़ी योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने सभी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, लंबित बाधाओं और निर्धारित समयसीमा की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने, विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा जनहित से जुड़ी इन परियोजनाओं को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए।
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एसपीआर और राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को गति देने के निर्देश

बैठक में विभागवार अधिकारियों ने अपनी-अपनी परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट दी और चल रहे काम के बारे में केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया। अधिकारियों ने बताया कि गुरुग्राम मेट्रो परियोजना का आठ प्रतिशत कार्य पूरा हो सका है और मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक का कॉरिडोर अगस्त 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ स्थानों पर निजी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी जारी है। इस पर केंद्रीय मंत्री ने निर्देश दिए कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी मामलों का शीघ्र निस्तारण कर परियोजना के कार्यों में तेजी लाई जाए, ताकि निर्धारित समयसीमा का पालन सुनिश्चित हो सके।


सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) परियोजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि एनएच-48 से वाटिका चौक तक का निर्माण कार्य अक्टूबर माह में शुरू होने की संभावना है, जबकि वाटिका चौक का डिजाइन अंतिम चरण में है। उन्होंने बताया कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद इसे 30 माह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने और सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए



निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और लंबित परियोजनाओं पर जताई नाराजगी



बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री ने गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश देते हुए कहा कि जहां-जहां फ्लाईओवर अथवा अन्य निर्माण कार्य लंबित हैं, वहां उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। साथ ही सर्विस रोड की स्थिति में सुधार कर यातायात को सुगम बनाया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। साथ ही हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निजी आवासीय सोसायटियों में स्थापित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने व मानेसर स्थित सीटीपी का भी नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए
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बढ़ती आबादी को ध्यान में रखकर तैयार होगी दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजना



जलापूर्ति से जुड़े विषयों की समीक्षा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने एनसीआर वाटर चैनल तथा गुरुग्राम वाटर सप्लाई सिस्टम की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वर्ष 2051 तक की संभावित जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक जल प्रबंधन योजना तैयार की जाए, ताकि भविष्य में पानी की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में आईआईटी रुड़की द्वारा सर्वेक्षण कराया गया है, जिसके आधार पर वर्तमान की लगभग 40 लाख की अनुमानित आबादी व भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर संसाधनों की योजना बनाई जा रही है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि गुरुग्राम वाटर सप्लाई सिस्टम (जीडब्ल्यूएस) को पाइपलाइन आधारित व्यवस्था में परिवर्तित करने का कार्य टेंडर आवंटन के बाद 30 माह के भीतर पूरा कर लिया जाएगा।
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