महिला राइडर के तौर पर सिया ने उस दिन दिल्ली और गुरुग्राम की सड़कों पर असुरक्षित महसूस किया। उन्होंने बताया कि कार पहले तेज़ी से उनके पास से गुज़री। फिर कार धीमी होकर उनके पीछे और करीब आ गई। कार चालक ने खिड़की नीचे कर कुछ कहा और उन्हें रुकने का इशारा किया। सिया बहुत डर गईं क्योंकि कार में दो लोग थे और वे नशे में लग रहे थे। उन्होंने जानबूझकर सिया का पीछा किया। वे गति बढ़ाकर उनके बगल में आए और टक्कर मारकर भाग गए। सिया ने इसे हत्या की कोशिश भी बताया, क्योंकि उन्होंने अपना प्रोटेक्टिव गियर पहना हुआ था।
पीड़ित शिवानी उर्फ सिया
- फोटो : ani
शिवानी ने बताई पूरी कहानी
इससे पहले, गुरुग्राम गोल्फ कोर्स एक्सीडेंट केस की पीड़ित शिवानी चौहान (सिया) कहती हैं कि "कल मैंने जो वीडियो पोस्ट किया था, उसमें आप देख सकते हैं कि एक कार मेरा पीछा कर रही है मैं आम तौर पर रविवार को बाइक राइड पर जाती हूं, और मैं गोल्फ़ कोर्स रोड पर जा रही थी। उस समय, मैंने सड़क पर चल रही या मेरा पीछा कर रही उस कार पर ज़्यादा ध्यान नहीं दिया था।
'कार बहुत तेजी से और मेरे बहुत करीब से निकली'
सबसे पहले तो यह हुआ कि जब मैं बाइक चला रही थी, तो वह कार बहुत तेजी से और मेरे बहुत करीब से निकली। मैं चौंक गई और सोचने लगी कि कार मेरे इतने करीब क्यों आई? मैंने पहले तो इसे नजरअंदाज करने की कोशिश की। फिर, कार की रफ़्तार कम हुई और वह मेरे पीछे हो गई।
सड़क पर घिसटती बाइक राइडर शिवानी उर्फ सिया
- फोटो : वीडियो ग्रैब
दूसरी घटना जो वीडियो में दिख रही है तब हुई जब कार मेरे बगल में आ गई और ड्राइवर ने कुछ इशारे किए। उसने कुछ कहा मुझे रोकने की कोशिश की, और तभी मैं डर गई। उसके चेहरे से साफ पता चल रहा था कि उन्होंने शराब पी रखी थी। उसके बगल में एक और आदमी था जो इशारे कर रहा था, और मुझे लगता है कि पीछे भी दो और लोग थे, लेकिन कार की खिड़कियों पर टिंटेड शीशे लगे थे, इसलिए मैं ठीक से नहीं देख पाई कि अंदर कौन या कितने लोग थे। वे लगातार इशारे करते रहे और मेरे बिल्कुल करीब आते रहे।
'मैंने डर के मारे थोड़ी रफ्तार बढ़ा दी'
पीड़ित सिया कहती हैं कि "मैंने उसे इशारा किया कि वह एक तरफ रहे और ज्यादा पास न आए। हालांकि उसकी गाड़ी तेज़ी से चल रही थी, लेकिन जब मुझे लगा कि वह मेरी बाइक की तरफ आ रही है या ओवरटेक करने की कोशिश कर रही है, तो मैंने डर के मारे थोड़ी रफ्तार बढ़ा दी, क्योंकि मुझे लगा कि वह कोई खतरनाक हरकत कर सकता है।
आरोपी कल्याण बैंसला की कार
- फोटो : वीडियो ग्रैब
इसी बीच, मेरे पीछे चल रहे एक साथी राइडर ने मुझे बचाने के लिए अपनी बाइक मेरे बगल में लाने की कोशिश की। इस अफरातफरी के बीच, हमारे बीच एक गाड़ी आ गई, जिससे मुझे अपनी रफ्तार कम करनी पड़ी। तभी ड्राइवर जो मेरे सामने लगे कैमरे के फ़ुटेज में पहली लेन में दिख रहा था तेजी से तीसरी लेन में आया और उसने मेरी बाइक को टक्कर मार दी।
पीड़ित सिया कहती हैं कि यह सच में चौंकाने वाला था; मैं आराम से तीसरी लेन में गाड़ी चला रही थी और ट्रैफिक की वजह से मेरी रफ्तार कम थी, तभी उसने मुझे टक्कर मार दी। मैं गिर गई। मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था और पता नहीं चल रहा था कि मेरे साथ क्या हुआ है। जब मेरे साथ चल रहे दूसरे राइडर ने उसे रोकने की कोशिश की और कहा कि रुक जाओ क्योंकि गलती तुम्हारी थी तो वह यही कहता रहा कि गलती उसकी नहीं, बल्कि मेरी थी। वह रुका नहीं, बल्कि रेड लाइट तोड़कर, बाईं ओर मुड़ा और वहां से भाग गया।
सड़क पर घिसटती बाइक राइडर शिवानी उर्फ सिया
- फोटो : वीडियो ग्रैब
दोस्त ने कैमरे में पूरा रिकॉर्ड किया
पीड़ित सिया कहती हैं कि उस कार में सिर्फ लड़के थे, मैंने कोई महिला नहीं देखी। मैं गुरुग्राम में एक बाइकर कैफे जा रही थी। मेरा कोई तय ग्रुप नहीं है जिसके साथ मैं हमेशा राइड करती हूं, कभी-कभी मैं अपने भाई के साथ राइड करती हूं। चूंकि दूसरों के पास भी वही बाइक मॉडल है जो मेरे पास है, इसलिए बाइकर कम्युनिटी में सभी एक-दूसरे को जानते हैं, हमें पता होता है कि किसके पास कौन सी बाइक है, इसलिए उन्होंने मुझे पहचान लिया। उनमें से एक जो मेरा एक तरह से दोस्त है, जिसके साथ मैंने कुछ ग्रुप राइड्स की थीं, उसने मुझे पहचान लिया। उसका कैमरा चालू था और उसने सब कुछ रिकॉर्ड कर लिया।
पीड़ित सिया कहती हैं कि जब हादसा हुआ, तो मेरी बाइक का पिछला और अगला ब्रेक टूट गया था, बाइक ऐसी हालत में नहीं थी कि उसे ठीक से चलाया जा सके। वहां मौजूद दूसरे राइडर्स ने मुझे देखा, उनमें से एक ने मुझे अपनी बाइक पर पीछे बिठाया और हम सबसे पहले 'बाइकर्स कैफे' गए। मैंने वहां एक हीट पैच मंगवाया और उसे लगाया।
'मैं सचमुच कांप रही थी'
मैं वहां लगभग एक घंटे तक रुकी रही क्योंकि मैं बुरी तरह डरी हुई थी, मैं सचमुच कांप रही थी और अपनी बाइक बिल्कुल नहीं चला पा रही थी। फिर, राइडर्स में से एक ने मेरी बाइक चलाई और मैं किसी और की बाइक चलाकर यहां तक आई और आखिर में अपनी बाइक वापस ले ली। फिर मैं उस बाइक को अपने घर ले आई।
आरोपी कल्याण बैंसला
- फोटो : वीडियो ग्रैब
पीड़ित सिया कहती हैं, "उन्होंने बयान दिया है कि मैं बहुत पास से गाड़ी चला रही थी या उनका रास्ता काट रही थी। मेरी किसी भी गाड़ी चलाने वाले को परेशान करने या उनका रास्ता काटने की कोई इच्छा नहीं है। मैंने आज ही बाइक चलाना शुरू नहीं किया है; मैं एक साल से ऐसा कर रही हूं। मुझे नहीं लगता कि वे अब जो भी सफाई देंगे जैसे उनके वकील या वे खुद जो बयान दे रहे हैं कि इसमें उनकी गलती नहीं थी, उस पर कोई यकीन करेगा।
पुलिस ने इंस्टाग्राम के ज़रिए मुझसे संपर्क किया
पूरे देश ने वह वीडियो देखा है जिसमें साफ दिख रहा है कि क्या हुआ था और जाहिर है कि ड्राइवर की ही गलती है। यह हिट-एंड-रन का मामला है। वीडियो में जान-बूझकर टक्कर मारना दिख रहा है, जो हत्या की कोशिश के बराबर है। मेरा वीडियो वायरल होने के बाद गुड़गांव पुलिस ने इंस्टाग्राम के ज़रिए मुझसे संपर्क किया।
Gurugram hit-and-run case
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
वह आगे कहती हैं कि वहां कानून-व्यवस्था को लेकर कोई सही सिस्टम नहीं है। पुलिस खासकर ट्रैफिक पुलिस एग्जॉस्ट की दिक्कतों जैसी चीजों के लिए बाइकर्स का चालान काटने में तो तेजी दिखाती है, लेकिन जब किसी बाइकर को टक्कर लगती है या उसका एक्सीडेंट होता है, तो उनका रवैया अलग होता है। उन लोगों का क्या जिनकी मौके पर ही मौत हो जाती है? क्या उनकी जिंदगी आपके लिए कीमती नहीं है?
क्या कानून-व्यवस्था का सिस्टम तभी जागता है जब किसी बाइकर को टक्कर लगती है और उसकी मौत हो जाती है? अगर आप गुड़गांव में बाइकर्स पर इतनी पाबंदियां लगाते हैं, तो आपको चार-पहिया वाहन चलाने वालों पर भी ध्यान देना चाहिए। इतनी तेज़ी और लापरवाही से गाड़ी चलाने वालों के लिए आप क्या कर रहे हैं?
महिला बाइक राइडर को कार सवार ने मारी टक्कर
- फोटो : वीडियो ग्रैब
'मेरा कंधा भी टूट सकता था'
पीड़ित सिया कहती हैं कि मेरे घुटनों पर चोटें आई हैं। मैं भगवान की शुक्रगुजार हूं कि मैंने राइडिंग शूज और राइडिंग ग्लव्स पहने हुए थे। अगर मैंने राइडिंग शूज और ग्लव्स नहीं पहने होते, तो हाथ पर लगी चोट से मेरा कंधा भी टूट सकता था। मेरा पैर भी टूट सकता था।
वह आगे कहती हैं, "यह घटना कल से चल रही है। उसने टक्कर मारी, और वो उन्हें सड़क पर मरने के लिए छोड़कर भाग गया; फिर भी, वह आजादी से घूम रहा है। वह न्यूज़ रिपोर्टरों को बयान दे रहा है और अपनी बात रख रहा है। उसे इतना समय कैसे मिल रहा है? पुलिस उसे गिरफ्तार क्यों नहीं कर रही है? मैंने अपनी पोस्ट में गाड़ी का नंबर भी लिखा था, और इसके बावजूद पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पाई है। यह विभाग की लापरवाही को दिखाता है।
महिला बाइक राइडर को कार सवार ने मारी टक्कर
- फोटो : वीडियो ग्रैब
'हत्या की कोशिश और हिट-एंड-रन की धारा एड करे पुलिस'
पीड़िता सिया के पिता का कहना है, "मैं चाहता हूं कि पुलिस आरोपी पर सबसे सख्त कार्रवाई करे और मुकदमे में धारा बढ़ाए, खासकर हत्या की कोशिश और हिट-एंड-रन की धारा एड करे, ताकि ऐसे लोगों को सबक मिले और वे दोबारा सड़कों पर ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करें। मेरी बेटी अभी ठीक महसूस नहीं कर रही है, वह आराम कर रही है।
उन्होंने कहा कि वीडियो में दिखे कार सवार अपराधी लगते हैं, ये आम लोग नहीं है। कोई भी आम इंसान एक्सीडेंट होने पर इंसानियत के नाते पीड़ित की मदद के लिए रुकता, लेकिन ये लोग नहीं रुके, बल्कि उन्होंने यू-टर्न लिया और लापरवाही से भाग गए। मैंने पुलिस से बात की है; वे बयान दर्ज करने के लिए अपना इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) भेजेंगे, और अगर कोर्ट में सेक्शन 164 के तहत बयान दर्ज करने की ज़रूरत पड़ी, तो हम उसका भी इंतज़ाम करेंगे।
पीड़िता सिया के पिता कहते हैं कि हमने कल गुरुग्राम में लिखित शिकायत दी थी; वहां पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी थी, शायद मीडिया के दबाव में। हालांकि, जो धाराएं लगाई गई थीं, वे काफी नहीं थीं, इसलिए हमने हिट-एंड-रन, हत्या की कोशिश और उत्पीड़न के आरोप जोड़ने के लिए अर्ज़ी दी है। एसएचओ मेरी बेटी का बयान दर्ज करने के लिए जल्द ही आ रहे हैं, क्योंकि वह खुद वहां जाने की हालत में नहीं है। मैंने गुजारिश की कि बयान पहले यहीं दर्ज किया जाए, मेरी बेटी थोड़ी घबराई हुई थी।
उसने मुझे बताया नहीं था, और मुझे पता भी नहीं था कि एक्सीडेंट हुआ है। मुझे कल दोपहर 3:00 बजे ही पता चला, जिस व्यक्ति ने उसे टक्कर मारी, उसे जरा भी पछतावा नहीं है; उसका मानना है कि इसमें उसकी कोई गलती नहीं थी, यह अच्छी बात है कि मेरी बेटी को गंभीर चोटें नहीं आईं, उसका इरादा उसे जान से मारने का ही था।
मैंने जोर दिया कि उस पर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया जाना चाहिए, यह साफ़ तौर पर पुरुष अहंकार का मामला है; वह अपनी रील में दावा करता है कि उसे पता नहीं चला कि ड्राइवर पुरुष था या महिला। या तो वह आदमी इतना नशे में था कि वह पुरुष और महिला ड्राइवर के बीच फ़र्क नहीं कर पाया... मेरी बेटी ने देखा कि पूरा ग्रुप बुरी तरह नशे में था।
गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स एक्सीडेंट मामले में पीड़िता सिया के भाई का कहना है, "हमने गुरुग्राम के सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन के SHO से बात की है। वे आज दोपहर सिया का विस्तृत जुबानी बयान दर्ज करने आएंगे। कल हमने अपना लिखित बयान दिया था और उसकी एक साइन की हुई रसीद भी ली थी। आज हमें उम्मीद है कि हिट-एंड-रन, हत्या की कोशिश, उत्पीड़न और अन्य लागू धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
'हम आरोपी के वकील की दलील नहीं मानते'
हम उनके वकील की दलील नहीं मानते, जो कह रहे हैं कि लड़की ने यह सब सिर्फ फॉलोअर्स बढ़ाने और ध्यान खींचने के लिए किया, हम बस यही चाहते हैं कि जल्द से जल्द उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी हो और आरोपी को गिरफ्तार किया जाए। सिया को बाइक चलाते हुए लगभग 7-8 महीने हो गए हैं। मुझे लगता है कि यह पूरा मामला सिर्फ ईगो का है। अगर कोई गाड़ी चला रहा है और उसे कोई महिला बाइक चलाते हुए दिखती है, तो आजकल यह इतनी बड़ी बात क्यों है?... मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से गलत है और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई होनी चाहिए।"
गुरुग्राम गोल्फ़ कोर्स हादसे पर पलवल में हरियाणा के मंत्री गौरव गौतम का कहना है, "पुलिस कानून के मुताबिक अपना काम कर रही है और जाहिर है, अगर ऐसी घटना हुई है, तो दोषी पकड़े जाएंगे। अगर मेरे परिवार का कोई सदस्य भी हो, तो उसे भी पकड़ा जाएगा।