मालिकाना हक छोड़ने के लिए मिल रही हैं धमकियां
इतना ही नहीं अब इस दंपति को संपत्ति पर अपना मालिकाना हक छोड़ने के लिए धमकियां मिल रही हैं। बिल्डर का कहना है कि जमा की गई राशि और कुछ अन्य राशि लेकर फ्लैट को भूल जाइए। पीड़ित ने बताया कि उन्हें इस फ्लैट के नाम पर करीब चार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इतना ही नहीं पजेशन नहीं मिलने के कारण उन्हें महंगे किराए पर रहना पड़ रहा है। जिससे आर्थिक व मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है वो इस प्रकार हैं
फ्लैट के नाम पर ठगी किए जाने के मामले में पीड़ित जयंत गुप्ता ने बीपीटीपी लिमिटेड, कंट्रीवाइड प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड, एचडीएफसी लिमिटेड, प्रणव मट्टा, सीएम शर्मा, जलराज सिंह, रोहित मोहन, काबुल चावला, सुधांशु त्रिपाठी, अनुपम बंसल, मेघा बजाज, अमित जैदका, डॉ. संध्या रे, डॉ. पंकज वर्मा, प्रेरणा वर्मा, सुभाष चंद्र सेतिया, चित्रा मैनन, केकी एम मिस्त्री, शशिधर जगमोहन, कैजाद भरुचा, श्रीनिवासन, मनिक मलिक व हरिंद्र ढिल्लो द्वारा यह धोखाधड़ी करने के लिए जिम्मेदार माना है। हालांकि, इस मामले में पुलिस का कहना है कि अभी जांच चल रही है।