पुलिस जांच में अब यह बातें सामने आ रही हैं। मामले की जांच कर रही धनकोट चौकी पुलिस टीम ने वारदात में इस्तेमाल कार व बाइक को भी बरामद कर लिया है। धनकोट चौकी प्रभारी प्रदीप ने बताया कि आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद सोसाइटी व गांव में यह बात फैला दी थी कि उनकी बेटी को दिल का दौरा पड़ा था। जांच के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि बेटे की बाइक पर बैठ कर उसकी मां गांव से आई थी। जबकि उसका पिता अपने किसी मित्र की कार मांग कर लाया था।
सोसाइटी के कैमरे में परिवार के लोग बेटी को बेहोशी की हालत में बाहर ले जाते हुए कैद हुए हैं। दोपहर 12 बजे के आस-पास वह गांव के लिए निकले थे। फर्रुखनगर बाईपास होते हुए वह अपने गांव गए थे। उनकी ओर से जिस मार्ग का चयन किया गया था। उसमें कहीं पर कोई टोल, पुलिस नाका या कैमरा नहीं था।
शाम छह बजे हुई संदीप को घटना की जानकारी
संदीप को बहन के घर से वापस आने के बाद पता चला कि उसकी पत्नी अंजली नहीं है। पड़ोस के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि बेहोशी की हालत में अंजली को उसके परिजन ले गए हैं। उसका भाई कुणाल भी मौजूद था। संदीप ने कुणाल को फोन किया, मगर उसने फोन नहीं उठाया। इस पर उसका संदेह और गहरा गया। जब उसने गांव में पता किया तो पता चला कि परिजनों ने यहां अंजली को दिल का दौरा पड़ने की बात बताते हुए उसका दाह संस्कार कर दिया है।
38 मिनट के भीतर मारपीट व हत्या कर साथ ले गए आरोपी
आखिरी बार संदीप ने अपनी पत्नी से बुआ के घर पहुंचने के बाद फोन पर बात की थी। पुलिस की छानबीन के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है कि 11.14 बजे उसके माता-पिता सोसाइटी में घुसे हैं और ठीक 38 मिनट बाद अपनी बेटी को कंधे पर लेकर बाहर निकले हैं। सीन ऑफ क्राइम से साफ जाहिर है कि अंजली की हत्या से पहले काफी लड़ाई हुई है। बाथरूम के दरवाजे से लेकर कमरे में सामान बिखरा हुआ था। आरोपी जाते समय एक बैग में काफी सामान भी साथ ले गए हैं।
गांव की भांजी से कुणाल ने की थी शादी, परिवार वालों ने घर से निकाला था
अंजली की शादी से पहले कुणाल ने गांव की भांजी के साथ शादी की थी। इसके बाद उसके परिवार वालों ने उसे घर से निकाल दिया था। उस दौरान संदीप ने कुणाल और उसकी पत्नी को अपने घर में शरण दी थी। जिस फ्लैट में रहते थे उसका किराया संदीप देता था मगर करार कुणाल के नाम पर था। कुणाल को बहन की शादी के बारे में पता था। शादी के दौरान वह मौके पर मौजूद था।