डीटीपीई ने दोनों पक्षों की सुनी बात, दीवार दोबारा बनाने पर जताई असहमति
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ग्रीनवुड सिटी के ब्लॉक-ए के निवासी मंगलवार को उपायुक्त उत्तम सिंह से मिले। उन्होंने बारिश के पानी से होने वाले जलभराव, तोड़ी गई दीवार और अनधिकृत आवाजाही की समस्या उपायुक्त के समक्ष रखी। उपायुक्त ने यह मामला हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से संबंधित बताकर डीटीपीई अमित मधोलिया के पास भेजा। डीटीपीई ने सेक्टर-45 और ग्रीनवुड सिटी के ब्लॉक-ए के पदाधिकारियों की बात सुनी और दीवार दोबारा बनाने पर असहमति जताई।
डीटीपीई ने रास्ते पर बूम बैरियर लगाने और दोनों पक्षों को आपसी सहमति से मामला सुलझाने के लिए कहा है। निवासियों का कहना है कि ग्रीनवुड सिटी सेक्टर-45 की तुलना में निचले हिस्से में है। ग्रीनवुड सिटी के प्रधान विनोद दहिया ने बताया कि 26 अगस्त को दीवार तोड़ने के बाद ब्लॉक-ए में तीन फीट तक पानी भर जाता है। जलभराव से करीब 300 घरों में रहने वाले 1200 परिवार प्रभावित होते हैं। यह गंदा पानी घरों और पीने के पानी के टैंकों में घुस जाता है। इससे घरेलू उपयोग के लिए पानी अनुपयोगी हो जाता है। दीवार हटने से क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही बढ़ी है, जिससे सुरक्षा चिंताएं भी बढ़ी हैं।
क्या कहते हैं पदाधिकारी
- दीवार हटने के बाद ग्रीनवुड सिटी क्षेत्र में बारिश का पानी भरने और सुरक्षा को लेकर लोगों को परेशानी हो रही है। ऐसे में आपसी बातचीत व सहमति से आगामी कदम उठाए जाएंगे, ताकि लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई परेशानी न हो।
- विनोद दहिया, प्रधान, ग्रीनवुड सिटी के ब्लॉक-ए
- पानी का ढलान निचले हिस्से में जाता है। सीवर की मेन लाइन की ओर पानी के जाने की व्यवस्था करने से समस्या खत्म होगी, न कि दीवार बनाने से। दीवार हटने के बाद आवाजाही का रास्ता खुलने से क्षेत्र के लोगों को सुविधा हुई है।
- ओम प्रकाश यादव, प्रधान, सेक्टर-45 आरडब्ल्यूए
दोनों पक्षों को आमने-सामने करके बात सुनी गई है और आपसी सहमति से मामला सुलझाने के लिए कहा गया है। वहां पर दीवार को दोबारा नहीं बनाया जा सकता क्योंकि यह नियमों के खिलाफ है।
- अमित मधोलिया, डीटीपीई, एचएसवीपी