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Gurugram News: 92 की उम्र में महादान...अंधेरे को मिला रोशनी का अनमोल तोहफा

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आईएमए के व्हाट्सएप ग्रुप से मिली जानकारी के बाद नागरिक अस्पताल की टीम ने दिखाई तत्परता
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सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। कहते हैं कि दुनिया से जाने के बाद इंसान सिर्फ यादों में रहता है। लेकिन गुरुग्राम के सेक्टर-10 नागरिक अस्पताल की टीम और एक 92 वर्षीय सुशीला कृष्णमूर्ति के परिवार ने इस धारणा को बदल दिया। बुधवार को सांसें थमने के बाद भी बुजुर्ग महिला ने किसी की अंधेरी दुनिया को रोशन करने का जिम्मा उठाया और रोशनी का अनमोल तोहफा दिया।
मौत के ठीक ढाई घंटे के भीतर डॉक्टरों की टीम मृतका के घर पहुंची। एएसएमओ डॉ. सुभा और एएसएमओ डॉ. पूनम गोयल के नेतृत्व में टीम ने नेत्रदान के लिए कॉर्निया को तय समय के अंदर सुरक्षित निकाल लिया। वर्ष 2026 में अस्पताल की यह दूसरी बड़ी सफलता है। इस नेक काम के पीछे आईएमए के व्हाट्सएप ग्रुप का बड़ा हाथ रहा, जहां सूचना मिलते ही टीम तुरंत एक्शन मोड में आ गई। डॉक्टरों ने शोक संतप्त परिवार के इस हौसले को सलाम करते हुए उन्हें स्मृति प्रमाणपत्र भेंट किया।
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2024 में तीन लोगों ने किया नेत्रदान
अस्पताल में इस वर्ष अब तक दो नेत्रदान हो चुके हैं, जबकि वर्ष 2024 में कुल तीन नेत्रदान दर्ज किए गए थे। अस्पताल प्रशासन का मानना है कि ऐसे प्रयास समाज में अंग एवं नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कॉर्निया निष्कासन नेत्रदान प्रक्रिया का सबसे अहम चरण होता है। एक व्यक्ति की दोनों आंखों से चार से छह जरूरतमंद लोगों को दृष्टि प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है।
मृत्यु के बाद छह घंटे हैं महत्वपूर्ण
नेत्रदान के लिए मृत्यु के छह घंटे के भीतर संबंधित अस्पताल या नेत्रदान टीम से संपर्क करना आवश्यक होता है। परिजनों को मृतक की आंखें बंद कर देनी चाहिए और आंखों पर गीली रुई या साफ कपड़ा रखना चाहिए, ताकि कॉर्निया सूखने न पाए। समय पर सूचना देकर नजदीकी अस्पताल की टीम के माध्यम से नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी कराई जा सकती है।

यहां करें संपर्क
स्थ्य विभाग की टीम घर पहुंचकर नेत्रदान की निशुल्क प्रक्रिया पूरी करती है। अधिक जानकारी के लिए आई सर्जन काउंसलर विपिन सहरावत से दिए गए नंबर 8826161733 पर संपर्क करें।
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अस्पताल की टीम को सूचना मिलते ही चिकित्सकों ने 92 वर्षीय महिला के परिजनों से संपर्क कर उनकी सहमति से समय रहते सफलतापूर्वक नेत्रदान कराया। नेत्रदान महादान है, जो किसी जरूरतमंद को नई रोशनी दे सकता है। अधिक जानकारी के लिए अस्पताल के हेल्पलाइन या दिए गए संपर्क नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। -डाॅ. नीना, पीएमओ, नागरिक अस्पताल
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