हरियाणा में निगम कर्मियों की हड़ताल 18वें दिन जारी, 24 अगस्त तक का अल्टीमेटम
प्रदर्शन के दौरान आम जनता से सहयोग की अपील
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा में नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल रविवार को 18 वें दिन भी जारी रही। कर्मचारी 13 मई को हुए समझौते को लागू न करने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सामाजिकता एवं न्याय मंत्री कृष्ण बेदी का पुतला दहन करने की घोषणा की और 24 अगस्त तक मांगें पूरी न होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी। इस दौरान वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार कम वेतन में ज्यादा काम करवाकर सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारों का गुलाम बना रही है।
पुराने नगर निगम कार्यालय में जारी इस हड़ताल की अध्यक्षता इकाई के वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत और फायर के जिला प्रधान साहुन खान ने की। संचालन सचिव धर्मेंद्र जिंगाला ने किया। राज्य उप प्रधान बसंत कुमार ने कहा कि जब तक 1175 फायरमैन और 13000 पालिका कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जाता और ठेकेदारी प्रथा समाप्त नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर वादा खिलाफी और तानाशाही का आरोप लगाया।
वरिष्ठ उप प्रधान सम्मी बोहत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने 11 वर्षों में एक भी सीवर या सफाई कर्मचारी की पक्की भर्ती नहीं की। उन्होंने कहा कि सरकार ठेके पर काम देकर और कम वेतन में ज्यादा काम करवाकर सफाई कर्मचारियों को ठेकेदारों का गुलाम बना रही है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उन्होंने सरकार पर आम जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने और पुलिस दमन से हड़ताल कुचलने का प्रयास करने का आरोप लगाया, जिसे लोकतंत्र की हत्या बताया।
17 मांगों पर बनी थी सहमति
बसन्त कुमार और सम्मी बोहत ने बताया कि 13 मई को हुए समझौते में सफाई कर्मियों, सीवर कर्मचारियों, माली, बेलदार, इलेक्ट्रिशियन, हेल्पर, क्लर्क और फायर विभाग के ड्राइवर एवं फायरमैन को 30 जून तक पक्का करने का वादा किया गया था। इसमें सफाई एवं सीवर कार्य का ठेका समाप्त करने, ठेका कर्मचारियों को विभाग की वेतन सूची पर लेने, न्यूनतम वेतन 15200 रुपये और श्रम कानूनों के सभी लाभ सुनिश्चित करने की मांगें भी शामिल थीं। इसके अतिरिक्त, रिक्त पदों पर नियमित भर्ती, अनुग्रह राशि नीति में संशोधन, 58 एवं 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले कच्चे कर्मचारियों को ग्रेच्युटी एवं 5 लाख रुपये सम्मान राशि, चिकित्सा सुविधा और गुरुग्राम के 3480 छंटनीग्रस्त सफाई कर्मचारियों को पुनः ड्यूटी पर लेने सहित कुल 17 मांगों पर सहमति बनी थी।
अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के नेताओं ने सरकार पर बार-बार बैठकें बुलाकर गुमराह करने और केवल आश्वासन देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार सहमति बनी मांगों के संबंध में कोई आदेश जारी नहीं कर रही है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 24 अगस्त तक सरकार ने मानी गई मांगों को लागू करने के आदेश जारी नहीं किए, तो नगरपालिका कर्मचारी संघ, हरियाणा और अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन इस हड़ताल को अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदलने के लिए मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।