फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: सरकारी वादों का बन रहा बिल, शहर की हवा वेंटीलेटर पर

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 318 दर्ज, लोगों की बढ़ रहीं मुश्किलें
विज्ञापन




संवाद न्यूज एजेंसी

गुरुग्राम। शहर को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के वादे एक बार फिर कागजों में सिमटे नजर आ रहे हैं। शहर में धूल को साफ करने के लिए किए गए कार्यों के नाम पर सिर्फ बिल बनाए गए हैं जबकि शहर की हवा तो खुद वेंटीलेटर पर पहुंच गई है। लोगों के सांसों पर संकट मंडरा रहा है। मिलेनियम सिटी की हवा लगातार जहरीली बनी हुई है, बीते कुछ दिन से एक्यूआई खराब श्रेणी में बना हुआ है। बृहस्पतिवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 318 दर्ज किया गया, जो पिछले तीन दिनों में सबसे अधिक है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, यह स्तर काफी खराब श्रेणी में आता है। वहीं, मानेसर का एक्यूआई 258 रहा, जो खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते निर्माण कार्य, वाहनों से निकलता धुआं, औद्योगिक उत्सर्जन और पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। वायु में धूल और धुएं की अधिकता से लोगों में आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में तकलीफ की शिकायतें बढ़ गई हैं। शहर की सड़कों पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं, लेकिन पानी का छिड़काव प्रभावी रूप से नहीं हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदूषणमुक्त शहर के मामले में प्रशासन विफल

शहर को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए प्रशासनिक दावे एक बार फिर कागजी नजर आ रहे हैं। प्रशासन और नगर निगम की ओर से प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। शहर के प्रमुख मार्गों और निर्माण स्थलों के आसपास एंटी-स्मॉग गन के माध्यम से पानी का छिड़काव किया जा रहा है। खुले में कूड़ा फेंकने, मलबा डालने और निर्माण नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। नगर निगम की कार्रवाई के बावजूद शहर की हवा में कोई ठोस सुधार नहीं दिख रहा है। हर दूसरे दिन गुरुग्राम का एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में पहुंच रहा है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ता जा रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें