300 से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य संकट में
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सरकारी संस्थान स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन टीचर एजुकेशन में बीए-बीएड और बीएससी-बीएड इंटीग्रेटेड पाठ्यक्रम में पढ़ रहे 300 से अधिक विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है। यह कोर्स राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। ऐसे में छात्र परेशान हैं।
छात्रों का कहना है कि दाखिले से पहले उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। 2021 में शुरू हुए इन पाठ्यक्रमों में देशभर से विद्यार्थियों ने केंद्रीय परीक्षा पास कर दाखिला लिया था। बीए-बीएड में 30 और बीएससी-बीएड में 70 सीटें थीं। दाखिले के बाद ही उन्हें पता चला कि पाठ्यक्रम की मान्यता नहीं है। ओडिशा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से आए छात्रों का कहना है कि चार साल की मेहनत और समय व्यर्थ जा रहा है और बिना मान्यता वाली डिग्री से नौकरी नहीं मिलेगी। कई छात्रों ने मानसिक पीड़ा व्यक्त करते हुए एनसीटीई और जिला उपायुक्त को शिकायत देने की बात कही है। संस्थान के एकेडमिक प्रमुख से संपर्क करने पर भी कोई जवाब नहीं मिलने से परेशानी बढ़ती नजर आ रही है। छात्र अभिलाषा नायक ने मांग है कि पाठ्यक्रम को जल्द मान्यता दी जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। छात्रों का कहना है कि प्रदेश सरकार को इस बारे में जल्द केंद्र सरकार से बात करनी चाहिए। उनका कहना है कि एनसीटीई को इस बारे में जल्द मान्यता देनी चाहिए ताकि बच्चे अपने राज्यों में सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सके।