मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए खोला करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं का पिटारा
विभिन्न चौराहों पर प्रथम चरण में बनाए जाएंगे 150 श्रमिक शेड
राज्य में 5 नए श्रम न्यायालय सोनीपत, गुरुग्राम, सोहना, पलवल व बावल में किए जाएंगे स्थापित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रदेश के श्रमिकों के लिए रविवार का दिन कल्याण को समर्पित रहा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुग्राम से ऐतिहासिक पहल कर श्रमिकों की गरिमा, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करते हुए उन्हें सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग दिए जाने का विश्वास दिलाया।
इसके साथ ही होंडा कंपनी के साथ प्रदेश सरकार ने एक करार किया। जिसमें कंपनी की ओर से सीएंडी वेस्ट प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए कूड़ा और प्लांट के लिए जगह सरकार उपलब्ध कराएगी और उसके बदले में वह टायल बनाकर देगी। जिसका उपयोग सड़क बनाने में किया जाएगा।
गुरुग्राम विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में श्रम विभाग की ओर से आयोजित श्रमिक सम्मान एवं जागरूकता समारोह में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड के अंतर्गत 37 हजार से अधिक लाभार्थियों के बैंक खातों में 26 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की। इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल विज, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह, पटौदी की विधायक बिमला चौधरी, सोहना के विधायक तेजपाल तंवर व गुरुग्राम के विधायक मुकेश शर्मा भी मौजूद रहे। श्रम कल्याण योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्रमिक साथी मोबाइल एप लॉन्च की। उन्होंने कहा कि यह एप श्रमिकों के लिए वन स्टॉप डिजिटल प्लेटफार्म होगा जो आसान पंजीकरण, आवेदन ट्रेकिंग व योजनाओं की जानकारी व शिकायत निवारण की सुविधा देगा।
मुख्यमंत्री ने सिलिकोसिस पुनर्वास नीति के तहत 51 लाभार्थियों को 2 करोड़ 55 लाख रुपये का वितरण डीबीटी के माध्यम से किया। इसके अतिरिक्त श्रमिकों की सुविधा के लिए अटल श्रमिक फूड कैंटीन में यूपीआई-क्यूआर आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली की भी शुरुआत की। मुख्यमंत्री ने दयालु योजना के तहत प्रदेश के लाभपात्रों के खाते में धनराशि ट्रांसफर की और कहा कि अब तक 1,568 करोड़ रुपये की राशि लाभार्थियों को भेजी गई है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में 5 नए श्रम न्यायालय सोनीपत, गुरूग्राम, सोहना, पलवल व बावल में स्थापित किए जाएंगे। ऑनलाइन ई-कोर्ट व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे श्रमिक विवादों का शीघ्र व सुलभ निपटारा संभव होगा। उन्होंने फैक्ट्री एक्ट, कॉन्ट्रैक्ट लेबर, आईएसएमडब्लू, बीओसीडब्लू, मोटर ट्रांसपोर्ट वर्करमैन एक्ट को मिलाकर एकल पंजीकरण सहित सभी अधिनियमों के लिए एकीकृत लाइसेंस प्रक्रिया शुरू करने की भी घोषणा की, जिसके तहत सभी प्रक्रियाएं महज 26 दिन में पूरी होंगी। मुख्यमंत्री श्रमिक कौशल विकास योजना की भी मुख्यमंत्री ने मंच से घोषणा की और कहा कि इस योजना के तहत पंजीकृत औद्योगिक एवं निर्माण श्रमिक व उनके आश्रितों को पूर्णतया निशुल्क कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।
हरियाणा की तरक्की में श्रमिकों का अतुलनीय योगदान : राव इंद्रजीत सिंह
केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने समारोह में कहा कि हरियाणा की प्रगति और विकास में सबसे बड़ा योगदान उसके मेहनतकश किसान, मजदूर और श्रमिकों का है। उन्होंने विशेष रूप से गुरुग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि पिछले 20 वर्षों में यह शहर छोटे म्युनिसिपल क्षेत्र से विकसित होकर आधुनिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप शहर बन गया है। श्रमिक वर्ग के बिना प्रदेश की औद्योगिक और सेवा क्षेत्र की उपलब्धियां संभव नहीं होतीं।
हरियाणा देश के अग्रणी प्रदेशों में शामिल : अनिल विज
श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि आज का दिन हरियाणा की वास्तविक प्रगति और विकास का प्रतीक है। पूरे प्रदेश में कर्मचारियों और उद्यमियों का सम्मान किया जा रहा है। 1966 में हरियाणा के गठन के समय किसी ने सोचा नहीं था कि यह प्रदेश देश ही नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाएगा। किसानों, कर्मचारियों और उद्यमियों की मेहनत से आज हरियाणा देश में सम्मान के साथ जाना जाता है। अनिल विज ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में श्रमिक और कर्मचारी सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, सड़कें, बिजली, स्वास्थ्य और सुविधाओं के कारण हरियाणा देश के अग्रणी प्रदेशों में शामिल है।