दूसरे चरण में अंडरपास, एलिवेटेड रोड और नाले का निर्माण जैसे कार्य कॉरिडोर में आ रहे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (जीएमआरएल) दूसरे चरण की मेट्रो निर्माण संबंधी बाधाओं को दूर कराने में जुट गया है। मेट्रो कॉरिडोर में पांच अंडरपास, तीन सड़कों को एलिवेटेड करने और नाले का निर्माण प्रमुख है। यदि सड़कों को एलिवेटेड बनाया जाता है तो कई अंडरपास की जरूरत नहीं होगी। ऐसे में इसे जल्द तय होना जरूरत है।
जीएमआरएल की ओर से मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.05 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर पर निर्माण कार्य होना है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर नौ तक निर्माण कार्य चल रहा है। इसी दौरान सेक्टर 33 में डिपो का निर्माण होना है। हालांकि जीएमआरएल अब दूसरे चरण में मेट्रो निर्माण को सिरे चढ़ाना चाहता है और इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
जीएमआरएल के एक अधिकारी ने बताया कि दूसरे चरण में मेट्रो निर्माण के लिए जल्द टेंडर जारी होना है। ऐसे में दूसरे चरण की अड़चनों का जल्द दूर होना जरूरी है। दूसरे चरण में जीएमडीए के पांच अंडरपास का निर्माण मेट्रो के साथ होना है। हालांकि जीएमआरएल ने जीएमडीए ने कहा कि मेट्रो निर्माण में वही अंडरपास बनें, जो सीधे कॉरिडोर में आ रहे हैं। दूसरे फेज में एक अंडरपास सीधे कॉरिडोर में आ रहा है। इस पर भी अंतिम फैसला होना है।
जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने छह दिसंबर को शहर का दौरा किया था और तीन सड़कों को एलिवेटेड बनाने की बात कही थी। इसमें कुछ सड़कें मेट्रो कॉरिडोर में आ रही हैं। ऐसे में जीएमआरएल को अपने दूसरे चरण की परियोजना को फाइनल करने में अब इन सड़कों के एलिवेटेड निर्माण का ध्यान देना होगा। ऐसे में कई अंडरपास निर्माण की जरूरत नहीं होगी। जीएमआरएल मेट्रो निर्माण को देखते हुए जीएमडीए की उसके कॉरिडोर में आने वाली सड़कों को एलिवेटेड बनाने की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कराने की योजना रखता है जिससे जल्द यह तय हो सके कि एलिवेटेड बनाने में क्या करना होगा। यदि जीएमडीए आगे बढ़ता है तो जीएमआरएल को उसी अनुसार कॉरिडोर की ऊंचाई कुछ जगहों पर बढ़ानी पड़ सकती है।
जीएमडीए के सीईओ ने ओल्ड रेलवे रोड पर एलिवेटेड कॉरिडोर बनवाने की घोषणा की हुई है। प्रस्तावित मार्ग ओल्ड रेलवे मार्ग से शुरू होकर सेक्टर 5–6 जंक्शन को पार करेगा और शीतला माता मार्ग तथा अतुल कटारिया चौक तक जाएगा जबकि इस कॉरिडोर के कुछ हिस्से से मेट्रो का एलिवेटेड कॉरिडोर जाएगा और अंडरपास बनाने हैं। दूसरा ओल्ड दिल्ली को अतुल कटारिया चौक से डूंडाहेड़ा एलिवेटेड किया जाना है। ऐसे में दिल्ली रोड को मेट्रो को क्रॉस करने पर कॉरिडोर डबल स्टोरी यानि पिलर काफी ऊंचा करना होगा। इसी रोड पर एक अंडरपास बनाया जाना है, ऐसे में जब रोड एलिवेटेड बनेगी तो अंडरपास की क्या जरूरत होगी। तीसरी रोड पर मेट्रो कॉरिडोर नहीं है।
जीएमआरएल के अनुसार मेट्रो निर्माण की डेडलाइन तय है। ऐसे में अन्य विभागों का इंतजार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में जीएमआरएल मेट्रो कॉरिडोर में आने वाली सड़कों को एलिवेटेड बनाने की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की योजना रखता है। जीएमडीए जिस सड़क को एलिवेटेड करने को फाइनल करेगा, इसी अनुसार फेज दो का मेट्रो कॉरिडोर तय होगा। हालांकि जमीन अधिग्रहण संबंधी अड़चनों के लिए टीम गठित की गई है।
जीएमआरएल टेंडर ड्राइंग
जीएमडीए दूसरे चरण में स्टेशनों का स्ट्रक्चरल डिजाइन तैयार होने के बाद टेंडर संबंधी कार्यों को सिरे चढ़ाने जा रहा है। जीएमडीए टेंडर ड्राइंग को अंतिम रूप देने जा रहा है। दूसरे चरण में मेट्रो कॉरिडोर एलिवेटेड बनेगा। हालांकि मंत्री नरबीर सिंह ने इसे अंडरग्राउंड करने की बात कही थी लेकिन कई कारणों से एलिवेटेड ही रहेगा। जीएमआरएल में केंद्र और राज्य सरकार की 50:50 फीसदी की हिस्सेदारी है। ऐसे में परियोजना में बदलाव के लिए केंद्र व विश्व बैंक समेत अन्य संस्थाओं से मंजूरी जरूरी होगी क्यों कि इसकी लागत बढ़ जाएगी।
ड्रेन बनाएगा जीएमडीए
मेट्रो कॉरिडोर में मेजर सुशील आइमा मार्ग पर लेग-1 ड्रेन है। जीएमआरएल ने जीएमडीए से ड्रेन निर्माण कराने को कहा है ताकि जब मेट्रो कार्य पालम विहार एरिया में शुरू हो तो नाले का काम पूरा हो सके। दूसरे चरण में सेक्टर-9, सेक्टर 7, सेक्टर 4, सेक्टर-5 , अशोक विहार, सेक्टर-3, बजघेड़ा रोड, पालम विहार एक्सटेंशन, पालम विहार, सेक्टर-23 ए, सेक्टर-22, उद्योग विहार फेज-4, उद्योग विहार फेज-5 व साइबर सिटी मेट्रो स्टेशन शामिल है।