जल आपूर्ति पाइपलाइन, जल निकासी और सीवर नेटवर्क, मास्टर सेवाएं जैसी सुविधाओं पर होगा काम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) अब द्वारका एक्सप्रेस-वे के किनारे बढ़ती आबादी को देखते हुए मास्टर सेवाएं और उपयोगिताएं प्रदान करने की दिशा में काम कर रही है। जल्दी ही यहां पर सुविधाएं विकसित की जाएंगी इनमें, जल आपूर्ति पाइपलाइन, जल निकासी और सीवर नेटवर्क बिछाने से संबंधित मास्टर सेवाओं जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके अलावा द्वारका एक्सप्रेसवे और सेंट्रल पेरिफेरल रोड के साथ मिसिंग लिंक और आरओडब्ल्यू के मुद्दों को भी हल किया जाएगा। द्वारका एक्सप्रेस वे के आसपास का हिस्सा तेजी से विकसित हो रहा है। कुछ दिनों बाद जब यह एक्सप्रेस वे शुरू हो जाएगा तब यह रफ्तार और बढ़ जाएगी। इससे यह एक और अधिक आवश्यकता वाला आवासीय और वाणिज्यिक गंतव्य बन जाएगा। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचागत विकास हुआ है। आसपास के क्षेत्रों में सेक्टर- 37, सेक्टर- 10ए और सेक्टर- 9ए आदि हैं।
यहां आवश्यक सेवाओं, स्कूलों, अस्पतालों, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मनोरंजन विकल्पों के विस्तार की बेहद संभावना है। इस क्षेत्र में सड़कों, परिवहन नेटवर्क और अन्य सुविधाओं के निर्माण सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का विकास देखा जा रहा है। यह विकास क्षेत्र की पहुंच और रहने की क्षमता को बढ़ाता है, और अधिक निवासियों और व्यवसायों को आकर्षित करता है। भविष्य की इन्हीं जरूरतों को देखते हुए जीएमडीए भी यहां आवश्यकताओं के आंकलन में जुट गया है।
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आठ जगहों पर 4.25 एकड़ जमीन तलाश रहा प्राधिकरण
द्वारका एक्सप्रेस वे पर आठ ऐसी जगहें हैं जहां पर मास्टर सर्विस उपलब्ध कराने के लिए जमीन तलाशी जा रही है। इसके लिए करीब 4.25 एकड़ जमीन की जरूरत है। इस जमीन के मिलते ही प्राधिकरण आगे का काम शुरू कर देगा।
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ग्लोबल सिटी से भी रहेगा क्षेत्र का जुड़ाव
द्वारका एक्सप्रेस वे प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित ग्लोबल सिटी से भी जुड़ा हुआ है। इसलिए यहां पर भविष्य में बुनियादी सुविधाओं की जरूरत का दबाव और भी ज्यादा है। योजना बनाते समय प्राधिकरण इस बात का भी बखूबी आंकलन कर रहा है।
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इस क्षेत्र में में कॉमर्शियल और रेजिडेंशियल दोनों प्रॉपर्टी की बढ़ती मांग का अनुभव हो रहा है। एक्सप्रेस वे के आसपास बढ़ती जनसंख्या और कॉमर्शियल गतिविधियां रियल एस्टेट निवेशकों के लिए अवसर पैदा करती हैं। - सारांश त्रेहान, रियल एस्टेट कारोबारी
जीएमडीए द्वारका एक्सप्रेस-वे के किनारे बढ़ती आबादी को देखते हुए मास्टर सेवाएं और उपयोगिताएं प्रदान करने की दिशा में भी काम कर रहा है। एनएचएआई से अनुरोध किया गया कि वह जीएमडीए द्वारा प्रदान की गई मास्टर सेवाओं को सार्वजनिक उपयोग के लिए कार्यात्मक बनाने में मदद करें। - पीसी मीणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जीएमडीए