सतही नालों की कनेक्टिविटी होगी पूरी, मास्टर ड्रेनेज नेटवर्क में वर्षा जल की निकासी होगी तेज
नंबर गेम - 15 किमी के ड्रेनेज नेटवर्क होगा सुचारू
08 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) पुराने बस अड्डे के पास स्थित महावीर चौक से कापसहेड़ा बॉर्डर तक ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड पर व्यापक ड्रेनेज सुधार कार्य करेगा। इस परियोजना का उद्देश्य सतही नालों की शुरू से आखिरी सिरे तक कनेक्टिविटी स्थापित करना है, ताकि वर्षा जल की निकासी बरसाती नाले में जल्द हो सके। मानसून के दौरान इस महत्वपूर्ण मार्ग पर जलभराव की समस्या में प्रभावी कमी लाई जा सकेगी ।
जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि महावीर चौक से कापसहेड़ा बॉर्डर तक की सड़क शहर की पुरानी और प्रमुख सड़क है। जो कई रिहायशी व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि इस प्रस्तावित परियोजना के माध्यम से मौजूदा सरफेस ड्रेनेज नेटवर्क की कमियों को दूर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ड्रेनेज सुधार के कार्य पुरानी दिल्ली रोड के दोनों ओर लगभग 7.5-7.5 किलोमीटर की लंबाई में किया जाएगा, जिससे कुल लगभग 15 किलोमीटर के ड्रेनेज नेटवर्क को सुचारू बनाया जाएगा। बरसाती पानी निकासी में आने वाली सभी बाधाओं को दूर किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 8 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
उन्होंने बताया कि यह परियोजना मौजूदा ड्रेनेज नेटवर्क के विस्तृत आकलन के बाद तैयार की गई है, जिसमें कई स्थानों पर सतही नालों के क्षतिग्रस्त होने तथा गैप की पहचान की गई थी, जिसके कारण वर्षा जल की निकासी प्रभावित हो रही थी। परियोजना के पूर्ण होने के बाद पुरानी दिल्ली-गुरुग्राम रोड से जुड़े सेक्टर-14, सेक्टर-17, सेक्टर-18, डूंडाहेड़ा, कार्टरपुरी तथा आसपास के क्षेत्रों के निवासियों और यात्रियों को वर्षा जल की त्वरित निकासी, जलभराव में कमी और मानसून के दौरान सुगम यातायात का लाभ मिलेगा।
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जीएमडीए पूरे गुरुग्राम में ड्रेनेज नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से सुदृढ़ कर रहा है। इसके तहत विभिन्न स्थानों पर सतही ड्रेनेज नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने और महत्वपूर्ण बिंदुओं पर कनेक्टिविटी को मजबूत करने का कार्य किया जा रहा है, जिससे शहर की बाढ़ एवं जलभराव से निपटने की क्षमता में वृद्धि होगी व मानसून के दौरान प्रभावी वर्षा जल प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा। -पीसी मीणा, सीईओ जीएमडीए