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Gurugram News: नालों की सफाई के साथ रखरखाव कार्य को भी मजबूत करने में जुटा जीएमडीए

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ड्रेनों की गश्त, गाद के स्तर का सर्वेक्षण, मैनहोल की मरम्मत कराने के लिए जारी की निविदा
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नंबर गेम - 59.22 लाख रुपये योजना की अनुमानित लागत

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मानसून से पहले बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की तैयारियां तेज हो गई है। दिल्ली जयपुर हाईवे(एनएच-48) के पश्चिमी हिस्से में स्टॉर्म वाटर ड्रेनों की गश्त, गाद के स्तर का सर्वेक्षण, मैनहोल की मरम्मत, ढक्कन लगाने और उन्हें ठीक करने सहित विभिन्न कार्यों के लिए निविदा जारी की गई है।
इस कार्य के तहत बर्मा माउंटेड ट्रैक्टर, सक्शन टैंकर और जेसीबी मशीनें किराये पर लेकर ड्रेनों की सफाई और मरम्मत का काम किया जाएगा। इसके अलावा जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने से जुड़े अन्य सभी कार्य भी शामिल हैं। योजना की अनुमानित लागत 59.22 लाख रुपये तय की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस पहल से बारिश के दौरान जलभराव की समस्या कम करने और शहर की ड्रेनेज व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
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जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता विक्रम सिंह ने कहा कि मानसून के दौरान बरसाती पानी निकासी इंतजामों को बेहतर करने की योजना है। उन्होंने कहा कि टीमें पानी निकासी पर त्वरित काम करेगी। अधिकारी ने बताया कि एनएच-48 के पश्चिमी हिस्से में मास्टर ड्रेनों की गश्त, गाद के स्तर का सर्वेक्षण, मैनहोल की मरम्मत व ढक्कन लगाने और उन्हें ठीक करने सहित विभिन्न कार्यों को एक साल तक करना होगा। जीएमडीए बारिश पानी निकासी के इंतजामों को बेहतर करने में जुटा हुआ है। ऐसे में नालों की सफाई के साथ पेट्रोलिंग को भी मजबूत करने में जुटा हुआ है। शहर में प्रमुख रूप से तीन बरसाती नाले हैं। इसमें बादशाहपुर नाला, सेक्टर-27 से नजफगढ़ और सेक्टर-25 से नजफगढ़ तक नाला प्रमुख है।
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जलभराव रोकने को तेज हुई तैयारियां

गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) ने आगामी मानसून सीजन को देखते हुए शहर में जल निकासी व्यवस्था को मजबूत करने और जलभराव की समस्या को कम करने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को जीएमडीए के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने शहर के प्रमुख ड्रेनेज नेटवर्क और जलभराव संभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नरसिंहपुर ड्रेन, ताऊ देवी लाल स्टेडियम के स्टॉर्म वाटर ड्रेन, सुभाष चौक क्षेत्र, हीरो होंडा चौक से नरसिंहपुर तक का मार्ग और गांव नाहरपुर रूपा के आसपास के संवेदनशील इलाकों का जायजा लिया गया। ये वे क्षेत्र हैं जहां पूर्व में भारी बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आ चुकी है। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों को शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही बॉक्स ड्रेन, रोड गलियों और जलनिकासी चैनलों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया, ताकि वर्षा जल की निकासी सुचारु रूप से हो सके। ब्यूरो
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