द्वारका एक्सप्रेसवे पर ट्रेंचलेस तकनीक से डाली जा रही पाइप लाइन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। द्वारका एक्सप्रेसवे पर ट्रेंचलेस तकनीक से सेक्टर-72 बूस्टिंग स्टेशन के लिए मास्टर पाइप लाइन डाली जा रही है। पहले एनएचएआई ने काम करने की मंजूरी नहीं दी थी, इससे काम रुका हुआ था।
जीएमडीए न्यू गुरुग्राम के सेक्टरों में पेयजल सप्लाई बेहतर करने के लिए सेक्टर-72 में बूस्टिंग स्टेशन को जल्द शुरू करने की योजना रखता है। इसके लिए द्वारका एक्सप्रेसवे के साथ पाइप लाइन डाली जानी है। जीएमडीए ने द्वारका एक्सप्रेसवे के नीचे से एक ओर टेंचलेस तकनीक से पाइप डलवा दी है। हालांकि दूसरी लाइन में सड़क खराब होने का हवाला देकर एनएचएआई ने काम रुकवा दिया था। जीएमडीए के सीईओ पीसी मीणा ने इस मामले में एनएचएआई के अधिकारियों से बातचीत की थी। इसके बाद एनएचएआई ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी थी। एनएचएआई से सहमति मिलने के बाद जीएमडीए पाइप डलवाने के कार्य को जल्द पूरा कराना चाहता है।
जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिवन वर्मा ने बताया कि कार्य को जल्द पूरा करने का लक्ष्य है। इससे न्यू गुुरग्राम के लोगों को राहत मिलेगी। बता दें कि सेक्टर 72 में बूस्टिंग स्टेशन बनाने की योजना हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने बनाई थी लेकिन पाइप लाइन के लिए जमीन अधिग्रहित नहीं कर सका। 10 दिसंबर 2018 को 95.96 करोड़ रुपये की लागत से यह कार्य आवंटित किया गया था। लेट लतीफी के कारण परियोजना देरी से पूरी हुई। काम पूरा होने पर बूस्टिंग स्टेशन तक पानी की लाइन की अड़चन आ रही थी, जिसे जीएमडीए पूरा करा रहा है।
सेक्टर-57 से 80 पानी की सप्लाई होगी
बूस्टिंग स्टेशन से सेक्टर-57 से 80 तक पानी की सप्लाई होगी। विकसित हो रहे नए सेक्टर-57 से 80 में कई बिल्डरों के प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। चंदू बुढेड़ा में 100 एमएलडी क्षमता का एक पेयजल संयंत्र बनाकर तैयार हो गया है। संयंत्र में पानी की क्षमता बढ़ाने से सेक्टर 72 के बूस्टिंग स्टेशन को शुरू करने की तैयारी है। सेक्टर 72 के बूस्टिंग से पानी ग्वाल पहाड़ी एरिया के लिए लिए भेजा जाना है। ऐसे में जीएमडीए के लिए यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण है।