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Gurugram News: चुन्नी से गला घोंटकर की बच्ची की हत्या, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा

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आरोपी दो दिन के रिमांड पर, पूछताछ के बाद रोजाना फरीदाबाद बाल सुधार गृह छोड़कर आएगी पुलिस
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर 107 स्थित सिग्नेचर सिलोरा सोसाइटी में 9 साल की बच्ची की हत्या के मामले में बोर्ड के द्वारा मंगलवार को शव का पोस्ट मार्टम किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान इस बात का खुलासा हुआ कि चुन्नी से गला घोंट कर उसकी हत्या हुई है। राजेन्द्रा पार्क थाना पुलिस ने मामले की छानबीन के लिए आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोपी नाबालिग है इस लिए उसे रोजाना पूछताछ के बाद फरीदाबाद के बाल सुधार गृह में भेजा जाएगा।
राजेन्द्रा पार्क थाना पुलिस की ओर से शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम करने वाले बोर्ड में डॉ. सुधीर, डाॅ. आशीष व डॉ. ललित को शामिल किया गया था। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर सुधीर ने बताया कि बच्ची के गले में चुन्नी लिपटी हुई थी। चुन्नी से गला घोंटने पर उसकी मौत हुई है। शरीर का आधा हिस्सा भी जला हुआ था।
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पुलिस ने मोबाइल जांच के लिए भेजा

मामले की जांच के लिए पुलिस टीम ने आरोपी का मोबाइल लैब भेजा है। साइबर टीम की ओर से उसके मोबाइल की डिटेल निकलवाई जा रही है। पुलिस के अनुसार उसके मोबाइल में कई गेम डाउनलोड हैं।



समाज के अंदर तेजी से बदलाव बच्चों को बना रहा है हिंसक
गुरुग्राम। बच्चों के हिंसक बनने में समाज के अंदर तेजी से बदलाव कारण है। कोरोना काल में मोबाइल ने बच्चों के बीच अपनी जगह बना ली है। संयुक्त परिवार न होना भी बच्चों के हिंसक बनने का एक कारण है। आज के दौर में मौसी व बुआ का रिश्ता खत्म हो रहा है। शहरीकरण भी इसका एक कारण है। सोसाइटी में रहने वाले लोग अपने काम में अधिक व्यस्त रहते हैं। लोग बच्चों को समय नहीं दे पा रहे हैं। बहुत सी जगह तो माता-पिता दोनों ही काम पर जाते हैं। बच्चों को न सुनना और बच्चों को समय न देना भी एक कारण है।


बच्चों को हिंसक बनने से रोकने के उपाय

बच्चाें को समय दें, उनकी गतिविधि पर नजर रखें, उनके मोबाइल व उनके दोस्तों के साथ होम वर्क पर भी ध्यान दें, संयुक्त परिवार से जोड़ने का प्रयास करें, रील व छोटे वीडियो देखने से बचाएं।
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कोट

बच्चों को समय अवश्य दें । बच्चों को सुनने से ही आधी समस्या समाप्त हो जाएगी। भागदौड़ की जिंदगी में परिवार का खयाल अवश्य करना चाहिए। - ब्रह्मदीप संधू वरिष्ठ मनोचिकित्सक गुरुग्राम।
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