आईबी अधिकारी बनकर 8 युवाओं से 25 लाख की ठगी
गहलब गांव निवासी आरोपी के खिलाफ केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की तलाश
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल।
जिले में एक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गहलब गांव निवासी गौरव शर्मा नामक युवक ने खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) का अधिकारी बताकर आठ युवाओं से लगभग 25 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ितों को फर्जी नियुक्ति पत्र तक थमा दिए गए और जब उन्होंने पैसे की वापसी मांगी तो जान से मारने की धमकी भी दी गई। कैंप थाना पुलिस ने एसपी के आदेश पर आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ऐसे बुना धोखे का जाल
शिकायतकर्ता दलजीत, जो असावटा निवासी और ट्रैफिक मार्शल हैं, ने पुलिस को बताया कि उसकी मुलाकात 2021 में गौरव से हुई थी। गौरव ने अपने फोन और सोशल मीडिया पर पुलिस अधिकारियों के साथ खिंचवाई तस्वीरें दिखाकर खुद को खुफिया एजेंसी का अधिकारी साबित किया। भरोसा जीतने के बाद उसने दलजीत को एनसीबी, आईबी, एनआईए, कस्टम, विजिलेंस और सीएम फ्लाइंग जैसी एजेंसियों में नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
दलजीत ने पहले खुद नौकरी के नाम पर गौरव को 5.88 लाख रुपये दिए। इसके बाद उसने अपने परिचितों—विशाल, राहुल, ओमप्रकाश, अंकुश, सचिन, पवन और रोहित गुर्जर की मुलाकात गौरव से कराई। सभी से अलग-अलग रकम लेकर कुल 24,98,000 रुपये आरोपी ने अपने बैंक खाते में जमा करा लिए।
फर्जी नियुक्ति पत्र से खुला राज़
आरोप के मुताबिक, पैसे लेने के बाद गौरव ने सभी पीड़ितों को नियुक्ति पत्र थमा दिए। शुरुआत में युवाओं को लगा कि उनकी मेहनत रंग लाई है, लेकिन जब उन्होंने इन पत्रों की सत्यता विभागीय स्तर पर जांच कराई तो पूरा खेल सामने आ गया। पत्र पूरी तरह से फर्जी निकले। दलजीत ने पुलिस को बताया कि जब उसने पैसे वापस करने की बात की तो गौरव ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इस पर पीड़ितों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
गिरफ्तारी की कोशिशें तेज
कैंप थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी गौरव शर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के बैंक खातों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और कॉल डिटेल्स की भी पड़ताल हो रही है। संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
इस मामले के बाद पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में आकर सरकारी नौकरी के नाम पर पैसे न दें। यह मामला जिले के युवाओं के लिए चेतावनी है कि ठग अब अपने झांसे में लाने के लिए बड़े-बड़े सरकारी विभागों का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं।