अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) के साथ बने नालों की सही ढंग से सफाई नहीं होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इन नालों में पॉलिथीन, प्लास्टिक की बोतलें, लकड़ियों सहित सहित अन्य सामान पड़ा होने के कारण पानी भरा हुआ है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से नालों व ड्रेनेज सिस्टम की समय पर सफाई नहीं कराई गई है। ऐसे में बारिश होने पर हाईवे व सर्विस लेन पर जलभराव होने की समस्या होगी, जिससे वाहन चालकों को भी जाम से जूझना पड़ेगा।
एनएच-48 के दोनों ओर बनी खुली ड्रेन व नालों में कचरा व गाद जमा होने के कारण पानी की निकासी नहीं हो रही है। कई स्थानों पर नालों से पानी निकासी व्यवस्था न होने के कारण अस्थायी पंपों से पानी निकालकर दूसरे सीवरों में डाला जाता है। ज्यादा बारिश होने के कारण यह व्यवस्था भी फेल हो जाती है।
बारिश होने के कारण सर्विस लेन के साथ ही कई स्थानों पर हाईवे की मुख्य सड़क पर पानी भर जाता है, जिससे हाईवे पर जाम लग जाता है। एनएच-48 पर नरसिंहपुर क्षेत्र सबसे संवेदनशील जलभराव पॉइंट बना हुआ है। यहां सर्विस लेन के साथ-साथ मुख्य हाईवे तक बरसाती पानी भर जाता है।
जल्द ही नालों की सफाई कराकर उनको ढंका जाएगा, ताकि उनके अंदर पॉलिथीन व अन्य कूड़ा न जाए। नगर निगम गुरुग्राम के अधिकारियों को पत्र लिखकर हाईवे के पास से कूड़ा उठवाने का अनुरोध किया है। लोगों को भी हाईवे पर पॉलिथीन व अन्य कूड़ा नहीं फेंकना चाहिए।
- योगेश तिलक, प्रोजेक्ट निदेशक, एनएचएआई