सेक्टरों में नहीं बन पाए मार्केट, रोजमर्रा की जरूरतों के लिए जाना पड़ रहा कई किमी दूर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नए गुरुग्राम के सेक्टर-110ए में 30 एकड़ जमीन पर हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की ओर से मार्केट विकसित करने के लिए जगह चिन्हित की गई है। हालांकि, द्वारका एक्सप्रेसवे पर सार्वजनिक बाजार, पार्क, सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं नदारद हैं। लोगों को दूध, ब्रेड, सब्जी, दवा जैसी रोजमर्रा की जरूरी चीजें खरीदने के लिए कई किमी दूर जाना पड़ता है।
लोगों का कहना है कि एचएसवीपी मार्केट की नीलामी को लेकर गंभीर नहीं है, जिसके कारण दुकानें नहीं बन पा रही हैं। सेक्टर-47 में 38 एकड़ की जगह पर पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने घोषणा की थी कि यहां बड़ा क्षेत्रीय बाजार बनेगा मगर अभी तक वहां कोई दुकान नहीं है। सेक्टर-22 बी में मार्केट की जगह पर गायें नजर आती हैं, कई बार कूड़ा डंप किया जाता है। दिल्ली बॉर्डर के पास सेक्टर-21 के मार्केट में कुछ दुकानों की नीलामी हुई है मगर अधिसंख्य दुकानें खाली पड़ी हैं। वहां कूड़ा डंप हो रहा है और लोग दूरदराज से सामान लाने के लिए विवश हैं।
तीन दशक बीते, नहीं बनी मार्केट
20 ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों समेत सेक्टर की आबादी करीब 20 हजार है। सेक्टर को बसे बीस साल से ज्यादा हो चुके हैं। सेक्टर में 36 एकड़ की जगह रीजनल मार्केट के लिए तय की गई थी लेकिन आज तक नहीं बनी। हमें दवा, फल, सब्जी आदि चीजों के लिए लोगों को चार-पांच किमी दूर दूसरे मार्केट में जाना पड़ता है। - वीरेंद्र त्यागी, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर 47
हमारे यहां तो मार्केट की जगह पर गायें बांधी जाती हैं। सेक्टर को बसे करीब 38 साल हो गए हैं मगर दुकानों की नीलामी नहीं हो पाई है। यहां करीब 1800 परिवार रहते हैं। मार्केट की नीलामी की कई बार घोषणा हुई मगर दुकानें नहीं बन पाई। - भीम सिंह, पूर्व आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सेक्टर 22 बी
सेक्टर-21 का मार्केट गुरुग्राम की चमकती छवि पर एक बदनुमा धब्बा है। तीन दशक से ज्यादा समय से मार्केट की दुकानें एचएसवीपी द्वारा नीलामी की प्रतीक्षा कर रही हैं। जिन दुकानों की नीलामी नहीं हुई है, उनके शटर टूटे हुए हैं, दीवारों पर प्लास्टर झड़ चुके हैं। - कुंदनलाल शर्मा , आरडब्ल्यूए महासचिव सेक्टर 21
अधिकारी ने कहा
हशविप्रा जिन सेक्टरों को विकसित करता है, वहां लोगों सुविधाओं के लिए हर जरूरत का ख्याल रखता है। कहीं कोई जमीन का विवाद या किसी और किस्म का विवाद हो, वहीं मुश्किल आती है। जिस मार्केट में कोई विवाद नहीं होगा वहां नीलामी होगी। - राकेश सैनी,एस्टेट अफसर वन