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बिहार का गैंगस्टर गुरुग्राम में ढेर: दो लाख का इनामी सरोज मिट्टी में मिला, बस एक गलती की और पुलिस ने ठोक दिया

Fri, 29 Nov 2024 10:05 PM IST
Vikas Kumar मयंक तिवारी, अमर उजाला, गुरुग्राम

सार

पिछले दिनों बिहार के सत्ताधारी विधायक से रंगदारी मांगना और अपने ठेकेदार को काम दिलाने की धमकी देने के बाद सरोज राय एसटीएफ बिहार के रडार पर आया। 10 दिन पहले उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर एसटीएफ बिहार ने उसके बारे में अलर्ट जारी किया था।
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इनामी बदमाश सरोज राय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के दो लाख के इनामी बदमाश सरोज राय पर मात्र 26 साल की उम्र में ही 33 मुकदमे बिहार के विभिन्न थानों में दर्ज हैं। बिहार पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 26 साल के इस बदमाश पर दर्ज केस शस्त्र अधिनियम, मारपीट, रंगदारी, हत्या, हत्या या प्रयास, जान से मारने की धमकी देने से संबंधित हैं। ज्यादातर मामले बिहार के सीतामढ़ी जिले के विभिन्न थानों में ही दर्ज हैं। इसके अलावा बिहार के जमशेदपुर, मुजफ्फरपुर के थानों में भी उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज हैं। मुठभेड़ में ढेर हुआ बादमाश इतना कुख्यात था कि रंगदारी देने से मना करने पर वह दो लोगों की हत्या एके-56 राइफल से कर चुका था।

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पिछले दिनों बिहार के सत्ताधारी विधायक से रंगदारी मांगना और अपने ठेकेदार को काम दिलाने की धमकी देने के बाद सरोज राय एसटीएफ बिहार के रडार पर आया। 10 दिन पहले उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित कर एसटीएफ बिहार ने उसके बारे में अलर्ट जारी किया था। इसके बाद गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की पुलिस टीम ने बिहार एसटीएफ को मौके पर बुलाया था। क्राइम ब्रांच की टीम को पूरी जानकारी थी कि वह बाढ़ गुर्जर के रास्ते से निकलेगा। इसके बाद उसे दबोचने के लिए पुलिस ने जाल बिछाया था। सरोज राय ने बिहार में ही एक डॉक्टर और एक कंस्ट्रक्शन साइट के मुंशी की हत्या में उसने एके-56 राइफल का इस्तेमाल किया था। गुरुग्राम में किसके पास शरण लिए हुए था, यह जानना भी पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ है।

पुलिस वेरिफिकेशन पर उठा सवाल
बिहार के इनामी गैंगस्टर की गुरुग्राम पुलिस मुठभेड़ के दौरान हुई मौत के बाद जिले में किराये पर रहने वालों की पहचान को लेकर सवाल उठ रहा है। किस मकान में कौन-किरायेदार है। यह पुलिस के लिए जानना तो बहुत दूर की बात है मकान मालिक को भी उसके बैकग्राउंड के बारे में नहीं पता होता है। बिहार एसटीएफ को इस बात की जानकारी काफी पहले से थी कि कुख्यात सरोज राय गुरुग्राम में कहीं किराए पर रह रहा है। इसके बाद ही बिहार एसटीएफ ने गुरुग्राम क्राइम ब्रांच से संपर्क किया था। पुलिस आयुक्त विकास अरोड़ा ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया है कि वह अपने क्षेत्र के आरडब्ल्यूए व पार्षद के साथ मिलकर किरायेदारों के वेरिफिकेशन पर जोर दें। औद्योगिक क्षेत्र में लेबर तबके लोग अधिक रहते हैं। ऐसे में वहां पर अधिक जोर देने की आवश्यकता है।

एसटीएफ में तैनात थे डीसीपी क्राइम
डीसीपी क्राइम राजेश फोगाट ने गुरुग्राम में अपनी तैनाती के साथ ही गुड वर्क करके दिखाया। सूत्रों की माने तो एसटीएफ एसपी रहते हुए ही राजेश फोगाट को सरोज राय के बारे में बिहार एसटीएफ से जानकारी मिली थी। तभी से वह इस पर काम कर रहे थे। पिछले दिनों ही शासन ने राजेश फोगाट का स्थानांतरण गुरुग्राम में डीसीपी क्राइम के पद पर कर दिया था। बिहार एसटीएफ के इनामी अपराधी को तलाशने का काम सभी एजेंसी कर रही थी, मगर सफलता गुरुग्राम क्राइम ब्रांच को मिली है।
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फरार साथी की तलाश में लगी टीम
कुख्यात बदमाश से मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी अरावली के जंगलों का फायदा उठाते हुए फरार हो गया था। पुलिस की कई टीमें अब इस फरार बदमाश की तलाश में जुटी हुई हैं। इसके लिए गुरुग्राम पुलिस ने नूंह और फरीदाबाद पुलिस को भी अलर्ट भेजा है।
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