फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पैसे नहीं दिए तो गैंगस्टर के भाई ने पीट-पीट कर मार डाला

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरुग्राम। लॉकडाउन में आर्थिक तंगी के कारण पैसे नहीं देने पर एक युवक को साथ में प्रापर्टी डीलिंग का काम करने वाले गैंगस्टर के भाई ने बीच सड़क पर अपने गुर्गों के साथ इतना पीटा कि घायल युवक की अस्पताल में मौत हो गई। खेड़की दौला थाना पुलिस का दावा है कि उसने इस मामले में गैंगस्टर के भाई सहित सात आरोपियों को पकड़ लिया है। सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

घटना शनिवार दोपहर एक बजे की है। सिकंदरपुर के गांव बढ़ा निवासी हरगोविंद और उसका दोस्त संदीप कार से फर्रुखनगर की ओर जा रहे थे। संदीप के अनुसार सेक्टर-86 में कैनाल चौक के पास एक स्कार्पियो व फार्च्यूनर गाड़ी सवार युवकों ने उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया। कार में से उतरे हयातपुर निवासी गैंगस्टर राकेश के भाई मुकेश व उसके अन्य 15 साथियों ने हथियारों के बल पर उन्हें कार से उतार लिया। मुकेश ने हरगोविंद से अपने पैसे मांगे। हरगोविंद ने लॉकडाउन की वजह से आर्थिक तंगी की बात कहकर पैसे फिर देने के लिए कहा। इस पर मुकेश गुस्सा हो गया। हरगोंविंद को हथियारों की बट, लोहे की रॉड, लाठी-डंडों से साथियों के साथ मिलकर पीटा। हरगोविंद को मरणासन्न छोड़कर सभी आरोपी फरार हो गए। घायल हरगोविंद को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार देर उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है कि मुख्य आरोपी मुकेश सहित सात आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य की तलाश की जा रही है।
छह महीने पहले किया था अपहरण, नहीं हुई कार्रवाई
मृतक के जीजा कृष्ण यादव ने बताया है कि उसके साले हरगोविंद ने प्रापर्टी डीलिंग का काम करते वक्त हयातपुर के गैंगस्टर राकेश के भाई मुकेश से रुपये उधार ले लिए थे। मुकेश अपने पैसों को मांगने के लिए लगातार हरगोविंद व उसके परिवार को धमका रहा था। कई बार घर पर आकर बदतमीजी भी कर चुका था। हरगोविंद लॉकडाउन का हवाला देकर मोहलत मांगता था। इसके लेकर छह माह पहले मुकेश ने हरगोविंद का अपहरण करा दिया था। शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की थी, इसलिए ही उसका हौसला इतना बढ़ गया कि उसने यह वारदात कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें