बरसात के चार माह होते हैं ज्यादा संवेदनशील, चर्म रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ रही
मूर्ति दलाल
गुरुग्राम। इन दिनों पश्चिमी परिधान पहनने वाले 50 फीसदी लोगों को फंगस संक्रमण की शिकायत हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में हर 100 में से 50 मरीज ऐसी समस्या के साथ पहुंच रहे हैं। इसमें ज्यादातर मरीज युवा हैं।
चर्म रोग विशेषज्ञ मानते हैं कि बरसात के मौसम में चुस्त कपड़े शरीर को संक्रमण दे रहे हैं। जून से सितंबर माह तक सूती और हवादार कपड़े शरीर को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं। इससे चर्म रोग संक्रमण होने की आशंका 70 से 80 फीसदी तक कम होती है। नागरिक अस्पताल में इन दिनों औसतन 100 से 125 त्वचा रोगी हर दिन इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इसमें 50 फीसदी को फंगस संक्रमण की समस्या होती है। अन्य 30 फीसदी गर्मी के कारण फोड़े फुंसी से त्रस्त होते हैं। शेष 20 फीसदी को अन्य चर्म रोग होता है।
अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज मेहता ने बताया कि मौसम के अनुसार त्वचा के रोग ज्यादा फैलते हैं। बरसात के चार माह जून से सितंबर तक त्वचा बेहद संवेदनशील होती है। इन दिनों वातावरण की नमी शरीर में फंगस पैदा कर देती है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि जीवनशैली पर ध्यान दिया जाए। इन दिनों जींस, लेग्गिंग वेस्टर्न स्किन टाइट यानी शरीर को कसने वाले कपड़े पहनने से परहेज करें। दिन में दो बार नहाएं। यह सुनिश्चित करें कि शरीर साफ सुथरा रहे। शरीर में पानी की कमी न होने दें और तला भुना खाने से बचें।