- पांच से 15 हजार की जगह 10 हजार से पांच लाख तक कर सकेंगे खर्च
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में अब छोटे सुधार कार्य करवाने के लिए शिक्षा विभाग पहले से ज्यादा ध्यान देगा। हाल ही में हुई विभागीय निरीक्षण के बाद सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी पाई गई है। इसके बाद सरकारी स्कूलों पर चाइल्ड वेलफेयर फंड की ओर से खर्च राशि बढ़ा दी है। पहले यह सीमा 5 हजार से 15 हजार रुपये तक निर्धारित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 10 हजार से 5 लाख रुपये तक कर दिया गया है। स्कूल प्रमुखों को छोटे- छोटे मरम्मत कार्य तुरंत करवाने के अधिकार भी दिए गए हैं।
सरकारी स्कूलों में हुए विभागीय निरीक्षण में सामने आया था कि जिले के कई स्कूलों में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय और बाउंड्री वॉल की स्थिति ठीक नहीं है। वहीं स्कूलों में कचरा और जलभराव की समस्या बनी हुई है। सरकार ने इन कमियों को दूर करने के लिए मरम्मत और स्वच्छता से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी है।
विभाग के अनुसार 10 हजार से 5 लाख रुपये तक के कार्य स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) की सिफारिश पर कराए जाएंगे जबकि इनकी निगरानी जिला शिक्षा अधिकारी करेंगे।
इस फैसले से जिले के करीब 578 सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदल सकेंगी। इसमें 368 प्राइमरी, 83 माध्यमिक, 32 हाई स्कूल और 95 सीनियर सेकेंडरी स्कूल संचालित है। संवाद
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चाइल्ड वेलफेयर फंड की ओर से स्कूलों पर खर्च करने वाली राशि बढ़ा दी गई है। इससे स्कूल में अब पहले बेहतर साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय जैसे कार्य में बाधा नहीं आएगी।
- जोगिंदर, प्रधानाचार्य, राजकीय बाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय