गुरुग्राम-वसंत कुंज के बीच बनेगा छह लेन एलिवेटेड कॉरिडोर, कोरिडोर बनाने की प्रक्रिया शुरू
नंबर गेम- 25 से 30 किलोमीटर लंबा होगा एलिवेटेड रोड
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी के लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने सिंकदरपुर के गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड से वसंत कुंज के नेल्सन मंडेला मार्ग से तक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों ओर तीन-तीन लेन वाला यह कॉरिडोर गुरुग्राम और दिल्ली के बीच यातायात दबाव को कम करेगा।
इस परियोजना का निर्माण भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की मदद से विकसित किया जाएगा। फिलहाल इस परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है और उम्मीद है कि अगले दो महीनों में इसे मंत्रालय से मंजूरी मिल जाएगी।
इस संबंध में एनएचएआई ने एलिवेटेड कॉरिडोर की विस्तृत योजना तैयार करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की हैं। परियोजना पूरी होने के बाद इस सड़क को गुरुग्राम-फरीदाबाद रोड तक बढ़ाया जाएगा, जिससे गुरुग्राम-दिल्ली एक्सप्रेसवे पर लगने वाले भारी जाम से लोगों को राहत मिलेगी।
कई जगह सुरंगें और अंडरपास बनाए जाएंगे
करीब 25 से 30 किलोमीटर लंबे प्रस्तावित एलिवेटेड रोड में कई जगह सुरंगें और अंडरपास बनाए जाएंगे, जिससे गुरुग्राम और दिल्ली के बीच यात्रा पहले से अधिक आसान हो जाएगी। इस कॉरिडोर के बनने से यात्रियों का समय बचेगा और ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। खासतौर पर बारापुला फ्लाईओवर से आने वाले लोग सीधे इस मार्ग के जरिये एयरपोर्ट तक पहुंच सकेंगे। परियोजना पूरी होने के बाद गुरुग्राम से दिल्ली जाने के लिए अन्य सड़कों पर दबाव कम होगा, यातायात व्यवस्था को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद
अभी इस दूरी को तय करने में करीब एक से डेढ़ घंटा लग जाता है, लेकिन प्रस्तावित एलिवेटेड रोड बनने के बाद सफर काफी तेज और आसान हो जाएगा। एनएचएआई अधिकारियों के अनुसार, डीपीआर तैयार होने के बाद कॉरिडोर का अंतिम अलाइनमेंट तय किया जाएगा और फिर टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी। यह एलिवेटेड कॉरिडोर एयरपोर्ट और गुरुग्राम जाने वाले यात्रियों के लिए स्थायी समाधान साबित हो सकता है। इसके बनने से रिंग रोड और एनएच-48 के धौला कुआं से गुरुग्राम तक के हिस्से पर ट्रैफिक दबाव काफी कम होने की उम्मीद है।
गुरुग्राम से वसंत कुंज तक छह लेन का एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी चल रही है। फिलहाल परियोजना की डीपीआर तैयार की जा रही है। डीपीआर फाइनल होने के बाद टेंडर और निर्माण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इस परियोजना से दिल्ली-गुरुग्राम के बीच ट्रैफिक जाम कम होने और सफर आसान होने की उम्मीद है।
-आकाश पाढ़ी, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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कासन-मोकलवास सड़क का होगा निर्माण
मानेसर। मानेसर नगर निगम के वार्ड-9 में कासन से मोकलवास को जोड़ने वाली जर्जर सड़क अब जल्द नई बनेगी। नगर निगम इस सड़क के निर्माण पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च करेगा। करीब 3.34 किलोमीटर लंबी इस सड़क के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। लंबे समय से खराब हालत में पड़ी इस सड़क के कारण लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। अब नगर निगम मानेसर ने सड़क निर्माण की जिम्मेदारी ली है। निगम अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण के लिए एचएसआईआईडीसी से एनओसी भी ले ली गई है। सड़क बनने के बाद लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी और औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचना आसान हो जाएगा। नगर निगम मानेसर के कार्यकारी अभियंता मनदीप धनखड़ ने बताया कि इस परियोजना के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सड़क बनने से धूल और खराब रास्ते की समस्या से भी लोगों को राहत मिलेगी। संवाद