- मुख्यमंत्री उड़न दस्ते ने बिना वैध डिग्री के चल रहे डेंटल क्लिनिक पर की छापेमारी
- बिना योग्यता मरीजों का इलाज, फर्जी डॉक्टर व दो सहायकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। मुख्यमंत्री उड़न दस्ता फरीदाबाद की टीम ने बृहस्पतिवार देर शाम स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के साथ मिलकर होडल स्थित एक डेंटल क्लिनिक पर औचक छापेमारी की। यह कार्रवाई उस समय हुई जब टीम को सूचना मिली कि क्लिनिक में बिना किसी वैध डिग्री के लोग मरीजों का उपचार कर रहे हैं। मौके पर हुई जांच में सूचना सही पाई गई। टीम ने डेंटल क्लिनिक से संबंधित सामग्री व उपकरण कब्जे में लेकर सील कर दिए तथा तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री उड़न दस्ता को सूचना प्राप्त हुई थी कि शहर के एक डेंटल क्लिनिक में बिना डिग्री वाले लोग खुलेआम इलाज कर रहे हैं, जिससे आमजन की जिंदगी खतरे में डाली जा रही है। सूचना के आधार पर उड़न दस्ता ने सिविल अस्पताल पलवल से एसएमओ डॉ. सुरेश कुमार और स्वास्थ्य अधिकारी नरेंद्र कुमार को साथ लिया और पुलिस टीम के साथ क्लिनिक का औचक निरीक्षण किया।
नहीं दिखा सके वैध डिग्री
निरीक्षण के दौरान टीम ने पाया कि क्लिनिक में एक व्यक्ति डॉक्टर की कुर्सी पर बैठकर मरीज का उपचार कर रहा था। टीम ने अपना परिचय देते हुए उससे उसकी वैध डिग्री मांगी। इसके अलावा दो सहायक भी मरीज की देखभाल में लगे थे। उनसे भी डेंटल असिस्टेंट या हाइजीन कोर्स की डिग्री मांगी गई, लेकिन कोई भी व्यक्ति अपने पास कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में कुर्सी पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम परमाल बताया, जबकि दोनों सहायकों के नाम जवाहर और राहुल निकले। हैरानी की बात यह रही कि क्लिनिक डॉ. चमन कुमार के नाम और रजिस्ट्रेशन नंबर से पंजीकृत पाया गया, लेकिन मौके पर मरीजों का इलाज परमाल और उसके सहयोगी कर रहे थे। यह स्पष्ट हुआ कि क्लिनिक के नाम का दुरुपयोग कर मरीजों से खिलवाड़ किया जा रहा था। इसके बाद टीम ने क्लिनिक से मिले सभी उपकरण और दवाएं जब्त कर सील कर दिए। डॉ. सुरेश कुमार की शिकायत पर पुलिस ने परमाल, जवाहर और राहुल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छापेमारी की कार्रवाई के बाद होडल व आसपास के क्षेत्रों में बगैर डिग्री क्लिनिक चलाने वालों में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि बिना योग्यता और नियमों के क्लिनिक चलाकर लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे नकली डॉक्टरों पर समय-समय पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए, ताकि गरीब और अनजान मरीज ठगी और गलत इलाज से बच सकें।